वाशिंगटन, 30 मई (आईएएनएस)। व्हाइट हाउस और ऊर्जा विभाग के 28 वर्षीय पूर्व अधिकारी न्यू जर्सी में इतिहास रचने की कोशिश कर रहे हैं। वह राज्य के पहले जेन-जी और पहले भारतीय मूल के अमेरिकी लॉमेकर की दौड़ में हैं। उनका तर्क है कि मतदाता राजनीतिक ठहराव से लगातार निराश हो रहे हैं और नेतृत्व की एक नई पीढ़ी की तलाश में हैं।
मुंबई से अमेरिका जाकर बसे प्रवासी भारतीय परिवार में जन्मे जय वैंगणकर न्यू जर्सी के 12वें कांग्रेसनल जिले से डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से उम्मीदवार हैं। यह सीट अनुभवी डेमोक्रेटिक कांग्रेसी महिला बोनी वॉटसन कोलमैन के रिटायर होने के बाद खाली हुई है।
प्राथमिक चुनाव से कुछ दिन पहले आईएएनएस को दिए एक विशेष साक्षात्कार में वैंगणकर ने कहा कि उनके चुनाव अभियान का मुख्य फोकस बढ़ती महंगाई, स्वच्छ ऊर्जा में निवेश और राजनीतिक सुधार हैं। उन्होंने कहा, “बोनी वॉटसन कोलमैन के सेवानिवृत्त होने के बाद मुझे लगा कि अब राजनीति में नई पीढ़ी के आने का समय है। अगर मैं चुना जाता हूं, तो न्यू जर्सी का पहला जेन-ज़ी और पहला दक्षिण एशियाई मूल का लॉमेकर बनूंगा।”
लोगों का मानना था कि बार-बार उन्हीं नेताओं को चुनने की बजाय ऐसे प्रतिनिधियों को मौका मिलना चाहिए जो जनता की जरूरतों और समस्याओं को समझें। उन्होंने कहा कि व्हाइट हाउस और ऊर्जा विभाग में काम करने के दौरान उनकी राजनीतिक सोच और मजबूत हुई। उस समय वह हर दूसरे सप्ताह न्यू जर्सी लौटते थे और आम परिवारों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को करीब से देखते थे।
उन्होंने कहा, “मैंने देखा कि किराने का सामान लगातार महंगा हो रहा था। लोगों के खर्च बढ़ रहे थे और उन्हें लग रहा था कि वॉशिंगटन में बैठे नेता उनकी समस्याओं को ठीक से नहीं समझ रहे हैं। इस चुनाव का सबसे बड़ा मुद्दा महंगाई है। लोग हर महीने बढ़ते बिजली-पानी के बिल, संपत्ति कर और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों से परेशान हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन सेवाओं और उत्पादों की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं हो रहा है।”
उन्होंने स्वच्छ ऊर्जा में बड़े निवेश की वकालत करते हुए कहा कि सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश से नए रोजगार पैदा होंगे, ऊर्जा की लागत घटेगी और जलवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमें नौकरियां पैदा करनी हैं, लोगों के बिजली बिल कम करने हैं और जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करना है। अमेरिका ग्रीन टेक्नॉलोजी में क्रांति का नेतृत्व कर सकता है।”
वैंगणकर ने इस सोच को गलत बताया कि सस्ती ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा में से किसी एक को ही चुना जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों लक्ष्य एक साथ हासिल किए जा सकते हैं। उनका मानना है कि सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा का विस्तार करके रोजगार भी बढ़ाया जा सकता है और पर्यावरण की रक्षा भी की जा सकती है।
न्यू जर्सी के इस डेमोक्रेटिक प्राथमिक चुनाव में कुल 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प और अनिश्चित माना जा रहा है। वैंगणकर का कहना है कि इतने उम्मीदवार होने के कारण वोट कई हिस्सों में बंट सकते हैं और संभव है कि कोई उम्मीदवार कुल वोटों के केवल 15 प्रतिशत के आसपास समर्थन पाकर भी जीत हासिल कर ले।
इतने सारे उम्मीदवारों के होने के बावजूद, वैंगंकर का मानना है कि वोटर अब युवा उम्मीदवारों और ज़्यादा अलग-अलग तरह के प्रतिनिधित्व को ज़्यादा पसंद कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमारा सबसे बड़ा मुकाबला उस निराशा से है, जो यह मानती है कि न्यू जर्सी अभी किसी युवा उम्मीदवार को चुनने के लिए तैयार नहीं है, या किसी दक्षिण एशियाई उम्मीदवार को चुनने के लिए तैयार नहीं है।”
उन्होंने इस बात की ओर इशारा किया कि भारतीय-अमेरिकियों और युवा वोटरों के बीच राजनीतिक भागीदारी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “हमें यह देखकर बहुत खुशी हो रही है कि हज़ारों भारतीय-अमेरिकी पहली बार वोट देने के लिए रजिस्टर कर रहे हैं।”
जब उनसे पूछा गया कि अमेरिका में सबसे बड़ी दक्षिण एशियाई आबादी वाले राज्यों में शामिल होने के बावजूद न्यू जर्सी ने आज तक किसी भारतीय-अमेरिकी को कांग्रेस या राज्य स्तर के संघीय पद पर क्यों नहीं चुना, तो उन्होंने कहा कि इसके पीछे व्यवस्था से जुड़ी बाधाएं और समुदाय की सोच, दोनों जिम्मेदार रही हैं।
वैनगंकर का मानना है कि दक्षिण एशियाई समुदाय की सफलता पूरे अमेरिका के लिए फायदेमंद होती है। उन्होंने कहा, “जब दक्षिण एशियाई समुदाय आगे बढ़ता है, तो अमेरिका का हर समुदाय उससे लाभान्वित होता है।”
उनके अनुसार, उनके चुनाव अभियान को कई एशियाई-अमेरिकी राजनीतिक संगठनों और प्रमुख भारतीय-अमेरिकी नेताओं का समर्थन मिला है। साथ ही बड़ी संख्या में युवा स्वयंसेवक भी अभियान से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया, “विभिन्न पृष्ठभूमियों से आने वाले सैकड़ों स्कूल और कॉलेज के छात्र हमारे अभियान में स्वयंसेवक के रूप में शामिल हुए हैं।”
विदेश नीति के मुद्दे पर वैनगंकर ने अमेरिका और भारत के बीच मजबूत संबंधों की जरूरत पर जोर दिया। उनका कहना है कि भारत इस समय एक महत्वपूर्ण मोड़ पर खड़ा है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। मैं हमेशा अमेरिका-भारत संबंधों को मजबूत करने का समर्थक रहा हूं।”
उनका मानना है कि दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी विश्वास और आर्थिक सहयोग पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि मजबूत अमेरिका-भारत संबंध दोनों देशों के हित में हैं।
वैनगंकर की व्यक्तिगत कहानी भी न्यू जर्सी में रहने वाले कई भारतीय-अमेरिकी परिवारों जैसी है। उनके पिता एच-1बी वीजा पर अमेरिका पहुंचे थे। उनके माता-पिता मूल रूप से मुंबई के रहने वाले थे, लेकिन बाद में न्यू जर्सी में बस गए। वैनगंकर का जन्म ट्रेंटन में हुआ, उनका पालन-पोषण ईस्ट विंडसर और हाइट्सटाउन में हुआ। उन्होंने पेनसिल्वेनिया विश्वविद्यालय के व्हार्टन स्कूल से पढ़ाई की और बाद में वाशिंगटन में काम करने के बाद अपने गृह राज्य लौट आए।
न्यू जर्सी का 12वां कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट, 2026 में पूरे अमेरिका में होने वाली दर्जनों ‘ओपन-सीट’ हाउस रेस में से एक है। आम चुनाव नवंबर में होने हैं।
–आईएएनएस
एएस/
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