टोक्यो, 14 अगस्त (आईएएनएस)। जापान में भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को विभाजन के दौरान अपनी जान गंवाने वाले सपूतों को श्रद्धांजलि देते हुए ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मनाया। इस मौके पर विभाजन का अनुभव करने वाले लोगों की यादों और कहानियों को व्यक्त करने के लिए एक प्रदर्शनी आयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में कठिनाइयों पर विजय पाने के उनके अटूट हौसले की सराहना की गई।
भारत की जापान में राजदूत नगमा मलिक ने प्रार्थना का दीप प्रज्वलित किया और 1947 के विभाजन के कारण कठिनाइयां झेलने और अपनी जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना जाहिर की।
जापान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस (भारत और पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका को याद करने का दिन) पर हमने उन लोगों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने अपनी जान गंवाई। जापान में भारतीय दूतावास में राजदूत मलिक ने प्रार्थना का दीप जलाया और विभाजन के कारण कठिनाइयां झेलने और जान गंवाने वाले लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की।”
भारतीय दूतावास ने कहा, “इसके अलावा, एक प्रदर्शनी भी आयोजित की गई ताकि विभाजन का अनुभव करने वाले लोगों की यादों और कहानियों को साझा किया जा सके, साथ ही उन कठिनाइयों पर काबू पाने के उनके अडिग जज्बे को भी दर्शाया जा सके।”
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस हर साल 14 अगस्त को मनाया जाता है। इस दिन 1947 में भारत के विभाजन के साथ जुड़ी पीड़ा, विस्थापन और जान-माल के नुकसान को याद किया जाता है। विभाजन के कारण आधुनिक इतिहास में सबसे बड़े स्तर पर लोगों का आवागमन हुआ था। लाखों लोग नए बने देशों की सीमाएं पार कर गए थे और इस दौरान व्यापक सांप्रदायिक हिंसा और उथल-पुथल भी हुई थी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन के दौरान तकलीफ से गुजरने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी और उन लोगों के साहस को याद किया जिन्होंने भारी नुकसान और विस्थापन के बावजूद अपना जीवन फिर से खड़ा किया।
पीएम मोदी ने कहा, “आज हम ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ मना रहे हैं। हम उन सभी लोगों के साहस को याद करते हैं जो विभाजन से प्रभावित हुए थे। यह इतिहास का वह दौर था जिसने कई जिंदगियां तहस-नहस कर दीं, परिवार उजड़ गए, लोगों ने अपनों को खो दिया और भारी पीड़ा सही।”
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “इन मुश्किलों से उबरते हुए लोगों ने शून्य से अपनी जिंदगी फिर से बनाई, चुनौतियों को कामयाबी में बदला और देश की प्रगति में बड़ा योगदान दिया। उनकी जीवन-यात्राएं हमें इंसानी जब्जे की ताकत की याद दिलाती हैं।”
वहीं, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी बंटवारे के कारण हुई भारी मानवीय कठिनाइयों और भू-राजनीतिक नतीजों को याद किया। उन्होंने एक्स पर लिखा, “विभाजन विभिषिका दिवस पर, बंटवारे के कारण हुई भारी मानवीय तकलीफों और दूरगामी भूराजनीतिक नतीजों को पहचानें। उन लोगों की हिम्मत को सलाम जिन्होंने अपनी जिंदगी फिर से शुरू की, लेकिन हमें अपने इतिहास के इस दौर से मिले दर्दनाक सबक भी याद रखने चाहिए।”
–आईएएनएस
केके/पीएम
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)


Download Android App
Download iOS App



