मस्कट, 26 जून (आईएएनएस)। भारत के नए राजदूत प्रशांत पिसे ने शुक्रवार को ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी को विदेश मंत्रालय के जनरल दीवान में अपने नियुक्ति पत्र की प्रति सौंपी। इस मौके पर विदेश मंत्री ने उनका स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके कार्यकाल में भारत और ओमान के बीच दोस्ताना रिश्ते और भी मजबूत होंगे।
ओमान के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा, “विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद बिन हमूद अलबुसैदी ने शुक्रवार सुबह भारत गणराज्य के नए नियुक्त राजदूत प्रशांत पिसे से विदेश मंत्रालय के जनरल दीवान में उनके नियुक्ति पत्र की प्रति प्राप्त की। विदेश मंत्री ने उनका स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। साथ ही दोनों मित्र देशों के बीच संबंधों में और अधिक प्रगति और समृद्धि की उम्मीद जताई।”
मंत्रालय ने बताया कि इस कार्यक्रम में गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल और क्षेत्रीय पड़ोसी विभाग के प्रमुख राजदूत शेख अहमद बिन हाशिल अल मुस्करी, प्रोटोकॉल विभाग के प्रमुख राजदूत नजीब बिन याहा अल बलूशी और दोनों देशों के कई अधिकारी मौजूद थे।
प्रशांत पिसे ने 14 जून को ओमान में भारत के राजदूत का पदभार संभाला था। इससे पहले वे भारत के विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के रूप में काम कर रहे थे। वहां वे भारत की इमिग्रेशन नीति और माइग्रेशन और मोबिलिटी से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
ओमान में भारतीय दूतावास ने ‘एक्स’ पर बताया कि राजदूत का कार्यभार संभालने के बाद प्रशांत पिसे ने मस्कट स्थित भारतीय दूतावास में महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। दूतावास ने लिखा, “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को याद करना हमेशा सत्य, अहिंसा और नैतिक साहस का प्रतीक रहा है।”
इससे पहले मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से फोन पर बात की थी। बातचीत के दौरान उन्होंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा दोहराई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि तनाव कम करने और इलाके में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने हजारों लोगों, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल थे, की सुरक्षित वापसी में ओमान की मदद की भी सराहना की।
फोन पर हुई बातचीत के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “अपने भाई सुल्तान हैथम बिन तारिक से अच्छी बातचीत हुई और मैंने ओमान के लोगों को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। हमने इस बात पर सहमति जताई कि तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए बातचीत और कूटनीति सबसे जरूरी है।”
उन्होंने लिखा, “मैंने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की निंदा दोहराई और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी में ओमान के प्रयासों की सराहना की। भारत और ओमान, होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही के पक्षधर हैं।”
यह बातचीत पश्चिम एशिया में उस समय बढ़े तनाव के दौरान हुई थी, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए थे। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मारे गए थे। जवाब में ईरान ने ड्रोन और मिसाइलों से अमेरिका और इजरायल के ठिकानों, क्षेत्र की राजधानियों और उनके सहयोगी बलों को निशाना बनाया।
भारत और ओमान के रिश्ते भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से काफी पुराने और मजबूत हैं। दोनों देशों के बीच 1955 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे और 2008 में इन्हें रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया। ओमान, भारत का एक अहम रणनीतिक साझेदार है और खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी), अरब लीग और इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (आईओआरए) जैसे मंचों पर भी महत्वपूर्ण सहयोगी माना जाता है।
–आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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