वाशिंगटन, 17 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय नौसेना के प्रशिक्षण जहाज आईएनएस सुदर्शनी ने अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में अपनी ऐतिहासिक भागीदारी पूरी कर ली है। वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने इस तैनाती को भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को दिखाने में एक और मील का पत्थर बताया है।
अमेरिका में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “चार पोर्ट, एक मिशन। भारतीय नौसेना के सेल ट्रेनिंग शिप आईएनएस सुदर्शनी ने एसएआईएल 250 और इंटरनेशनल नेवल रिव्यू 250 में ऐतिहासिक हिस्सा लिया। यह अमेरिका की आजादी के 250वां वर्षगांठ समारोह को दिखाता है।”
इस तैनाती के महत्व पर जोर देते हुए दूतावास ने कहा, “नॉरफॉक, बाल्टीमोर, न्यूयॉर्क और बोस्टन के बंदरगाहों पर इस लंबे जहाज की शानदार यात्रा भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाती है, जिससे भारत की समृद्ध समुद्री विरासत को प्रमुखता मिलती है।”
अमेरिका के ईस्ट कोस्ट के चार बड़े पोर्ट्स से होकर गुजरने वाली आईएनएस सुदर्शनी की यात्रा, अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह के मौके पर मनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय समुद्री जश्न में भारत की भागीदारी का हिस्सा थी, जो नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते रक्षा और समुद्री सहयोग को दिखाता है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, बोस्टन में भारतीय वाणिज्यदूत ने एसएआईएल बोस्टन 250 में जहाज के हिस्सा लेने पर जोर दिया और इसे भारत की समुद्री परंपराओं, नौसेना की व्यवहार्यता, और अमेरिका के साथ बढ़ते द्विपक्षीय समुद्री संबंधों का प्रतीक बताया।
महावाणिज्य दूत ने कहा कि आईएनएस सुदर्शनी पर कैप्टन के रिसेप्शन के दौरान एक मीडिया ब्रीफिंग हुई।
इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए महावाणिज्य दूत रघुराम एस. ने अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह के मौके पर हो रहे अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में जहाज की मौजूदगी की अहमियत पर जोर दिया।
महावाणिज्य दूतावास के अनुसार, रघुराम एस. ने कहा कि “सुदर्शिनी एशिया और बड़े हिंद महासागर इलाके से हिस्सा लेने वाला नौसेना का अकेला लंबा जहाज है। जहाज अमेरिका की आजादी की 250वीं सालगिरह में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के ईस्ट कोस्ट तक पहुंचने के लिए साढ़े 5 महीने तक सफर किया।”
इस बीच, अमेरिका में भारतीय दूतावास ने भी दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा एंगेजमेंट पर जोर दिया और कहा, “हमारे रक्षा विंग ने यूएस आर्मी वॉर कॉलेज, कार्लाइल के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय सैन्य रणनीतिक ढांचे और अमेरिकी सैन्य रणनीतिक दृष्टिकोण के बीच समानताओं पर सार्थक चर्चा की।”
दूतावास ने आगे कहा कि यह “एक उपयोगी और सकारात्मक संवाद रहा, जिसमें भारत-अमेरिका द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के लगातार विस्तार और इस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साझा प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।”
इन घटनाक्रमों से स्पष्ट होता है कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। समुद्री सहयोग, सैन्य आदान-प्रदान और रक्षा क्षेत्र में नियमित संवाद दोनों देशों की विस्तारित द्विपक्षीय साझेदारी के प्रमुख आधार बने हुए हैं।
–आईएएनएस
केके/एएस
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