ईरान ने दावा- केश्म द्वीप और होर्मुज स्‍ट्रेट के पूर्वी क्षेत्र में मार ग‍िराए तीन अमेरिकी ड्रोन

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तेहरान, 3 नवंबर (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन को रोक लिया। आईआरजीसी के मुताबिक, इनमें से दो ड्रोन एमक्‍यूएम-170 आउटलॉ थे, जिन्हें केश्म द्वीप के ऊपर रोका गया। तीसरा ड्रोन एमक्‍यू-9 रीपर था, जिसे होर्मुज स्‍ट्रेट के पूर्वी हिस्से के समुद्री क्षेत्र में मार गिराया गया। इस बीच, अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्‍ट्रेट में स्थित ईरान के रणनीतिक महत्व वाले केश्म द्वीप पर हमला…

तेहरान, 3 नवंबर (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन को रोक लिया।

आईआरजीसी के मुताबिक, इनमें से दो ड्रोन एमक्‍यूएम-170 आउटलॉ थे, जिन्हें केश्म द्वीप के ऊपर रोका गया। तीसरा ड्रोन एमक्‍यू-9 रीपर था, जिसे होर्मुज स्‍ट्रेट के पूर्वी हिस्से के समुद्री क्षेत्र में मार गिराया गया।

इस बीच, अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट दी कि अमेरिका ने सोमवार को होर्मुज स्‍ट्रेट में स्थित ईरान के रणनीतिक महत्व वाले केश्म द्वीप पर हमला किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि यह हमला हाल के हफ्तों में अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ गुप्त रूप से किए गए कई सीमित सैन्य अभियानों की कड़ी का हिस्सा है। यह ऐसे समय में हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक संभावित कूटनीतिक समझौते की संभावना का भी जिक्र कर रहे थे।

रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कई हफ्तों से अमेरिका ईरान के खिलाफ छोटे स्तर के हमले कर रहा है। सोमवार को केश्म द्वीप के आसपास हुए धमाकों के वीडियो और जानकारी सोशल मीडिया पर भी सामने आईं। कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इन हमलों को रक्षात्मक कार्रवाई बताया। उनका कहना था कि इसका मकसद ईरान को होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों पर स्वतंत्र रूप से हमले करने से रोकना है।

रिपोर्ट में कहा गया कि संघर्ष के शुरुआती दौर के विपरीत, अमेरिका ने इस बार इन हमलों की सार्वजनिक घोषणा नहीं की। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, वाशिंगटन ने जानबूझकर इस अभियान को सार्वजनिक नहीं किया, ताकि यह संदेश न जाए कि वह बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई फिर शुरू करने जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोमवार को एक्सियोस को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि उन्हें यह तय करने की कोई जल्दबाजी नहीं है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी है या नहीं।

उन्होंने कहा, “किसी न किसी तरीके से हम कुछ करेंगे, लेकिन कोई जल्दी नहीं है। हमने उनकी अर्थव्यवस्था को काफी नुकसान पहुंचाया है। उनके पास पैसा नहीं है, ईंधन नहीं है और वहां के लोग भी इस स्थिति से थक चुके हैं।”

वहीं, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका सैन्य कार्रवाई और बढ़ाता है तो उसे कहीं अधिक ‘कड़ा और गंभीर’ जवाब मिलेगा।

उधर, मंगलवार तड़के ईरानी मीडिया ने केश्म द्वीप पर कई धमाकों की खबर दी। इन विस्फोटों की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, धमाकों की आवाज दक्षिणी हेंगम द्वीप और बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में रहने वाले लोगों ने भी सुनी।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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IANS Agency

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