ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार: राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान

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तेहरान, 6 मई (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकेगा नहीं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, “हमारी समस्या यह है कि एक ओर अमेरिका देश पर दबाव की नीति अपना रहा है और दूसरी ओर वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आए और आखिरकार उसकी एकतरफा मांगों के सामने आत्मसमर्पण कर दे। लेकिन…

तेहरान, 6 मई (आईएएनएस)। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इराक के प्रधानमंत्री-नामित अली अल-जैदी के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वह किसी भी दबाव के आगे झुकेगा नहीं।

समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक आधिकारिक बयान में राष्ट्रपति पेजेशकियान ने कहा, “हमारी समस्या यह है कि एक ओर अमेरिका देश पर दबाव की नीति अपना रहा है और दूसरी ओर वह चाहता है कि ईरान बातचीत की मेज पर आए और आखिरकार उसकी एकतरफा मांगों के सामने आत्मसमर्पण कर दे। लेकिन यह असंभव है।”

उन्होंने कहा कि ईरान मूल रूप से युद्ध और असुरक्षा को किसी भी तरह से उचित विकल्प नहीं मानता। इसके साथ ही, पेजेशकियान ने कहा कि ईरान को परमाणु तकनीक से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अमेरिका ऐसे व्यवहार कर रहा है जैसे ईरान को परमाणु उद्योग रखने का अधिकार ही नहीं है। वह अत्यधिक मांगें सामने रखकर देश पर अतिरिक्त दबाव डालता है।”

राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने आगे कहा कि पिछली सभी वार्ताओं में ईरान पूरी तरह तैयार था कि अंतरराष्ट्रीय नियमों और वैश्विक निगरानी के तहत जो भी आवश्यक हो, वह सब कुछ उपलब्ध कराए ताकि उसके परमाणु गतिविधियों के शांतिपूर्ण स्वरूप को सुनिश्चित किया जा सके।

दूसरी ओर, अल-जैदी ने इराक की ओर से ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता करने की तत्परता जताई, ताकि क्षेत्रीय संकटों को कम किया जा सके। अल-जैदी के मीडिया कार्यालय के एक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने भविष्य में आधिकारिक यात्राओं के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई, ताकि द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया जा सके।

बता दें कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के अन्य शहरों पर हमले किए थे, जिसमें तत्कालीन सुप्रीम लीडर अली खामेनेई, वरिष्ठ कमांडरों और नागरिकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

8 अप्रैल को दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम हुआ, जिसके बाद 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता हुई, लेकिन वह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई थी। फिलहाल, अमेरिका और ईरान लगातार समझौते के तहत युद्धविराम को जारी रखने की कोशिशों में जुटे हैं।

–आईएएनएस

डीसीएच/

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