लॉस एंजिल्स, 17 अगस्त (आईएएनएस)। कोलोराडो नदी के दो कृत्रिम जलाशय लेक मीड और लेक पॉवेल का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। सरकारी आंकड़ों ने इस संकट की ओर इशारा किया है और ये स्थिति अमेरिका के लिए काफी गंभीर मानी जा रही है।
फेडरल डाटा ने अधिकारियों और विशेषज्ञों ने कहा कि इस गिरावट से पूरे दक्षिण पश्चिम में जल आपूर्ति, खेती-किसानी और जल विद्युत उत्पादन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
यूएस ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन (एजेंसी जो जल प्रबंधन और संचालन का काम देखती है) के रविवार को प्रकाशित किए गए अनंतिम (अस्थायी) आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को लेक पॉवेल का जल स्तर घटकर 3,519.91 फीट (लगभग 1,072.869 मीटर) नीचे आ गया। यह रीडिंग अप्रैल 2023 में बने 3,519.92 फीट के पिछले रिकॉर्ड से थोड़ी कम थी, और ब्यूरो ने कहा कि प्रोविजनल डेटा (अनंतिम आंकड़ों) में बदलाव हो सकता है।
ब्यूरो रिपोर्ट के मुताबिक, लेक मीड रविवार दोपहर को 1,039.85 फीट तक नीचे आ गया। ब्यूरो के रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछला सबसे निचले स्तर का रिकॉर्ड 1,040.58 फीट था और ये जुलाई 2022 में दर्ज किया गया था।
यूटा स्टेट यूनिवर्सिटी में ‘सेंटर फॉर कोलोराडो रिवर स्टडीज’ के निदेशक जैक श्मिट ने रविवार को सीएनएन को बताया कि बेसिन “अज्ञात इलाके में” था।
लेक मीड और लेक पॉवेल, हूवर डैम और ग्लेन कैन्यन डैम से बने थे, और ये दोनों मिलकर कोलोराडो नदी के सात अमेरिकी राज्यों और मेक्सिको में 40 मिलियन डाउनस्ट्रीम यूजर्स के लिए प्राथमिक जल भंडारण और आपूर्ति प्रणाली के रूप में काम करते हैं।
सिंहुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी आंतरिक विभाग ने जून में सीनेट को बताया था कि लंबे समय से पड़े सूखे के कारण कोलोराडो नदी प्रणाली के भंडारण की क्षमता लगभग 34 फीसदी कम हुई है।
ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन के मुताबिक दक्षिणी यूटा और उत्तरी एरिजोना में मौजूद लेक पॉवेल 1,063.75-मीटर के न्यूनतम पावर पूल से महज 9 मीटर ऊपर रह गया है। इस पर ग्लेन कैन्यन डैम अभी भी हाइड्रोपावर (जल विद्युत उत्पादन) बना सकता है।
ग्रैंड कैन्यन ट्रस्ट की ओर से जारी किए गए डेटा के मुताबिक, ग्लेन कैन्यन पावरप्लांट हर साल लगभग 5 बिलियन किलोवाट प्रति घंटे की दर से बिजली बनाता है, जिससे लगभग 5 लाख अमेरिकी घर रोशन रहते हैं।
ब्यूरो ऑफ रिक्लेमेशन ने कहा कि हूवर पावरप्लांट का लंबे समय का औसत सालाना उत्पादन लगभग 4 बिलियन किलोवाट प्रति घंटे है। इसने अप्रैल में चेतावनी दी थी कि लेक मीड का स्तर गिरने से बिजली बनाने की क्षमता और कम हो सकती है।
ब्यूरो ने तब यह भी घोषणा की कि फ्लेमिंग गॉर्ज रिजर्वॉयर (जो कोलोराडो नदी की एक बड़ी सहायक नदी पर बना बड़ा जलाशय है) से लेक पॉवेल की ओर लगभग 1.23 बिलियन क्यूबिक मीटर और पानी ले जाया जाएगा, और सूखे के हालात बिगड़ने पर लेक पॉवेल से लेक मीड में सालाना रिलीज को लगभग 1.83 बिलियन क्यूबिक मीटर कम किया जाएगा। संघीय सरकार 2026 के आखिर में मौजूदा गाइडलाइंस खत्म होने के बाद नदी प्रणाली को चलाने के लिए नए नियम भी तैयार कर रही है।
यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना में ‘वॉटर रिसोर्स रिसर्च सेंटर’ की निदेशक शैरोन मेगडाल ने रविवार को एबीसी न्यूज को बताया कि “यह एक तरह की गंभीर स्थिति है” क्योंकि ऐसा कभी नहीं हुआ कि दोनों जलाशयों का जलस्तर इतना कम हो गया हो।
–आईएएनएस
केआर/
(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)



Download Android App
Download iOS App



