रीगा, 14 मई (आईएएनएस)। लातविया की प्रधानमंत्री इविका सिलिना ने गुरुवार को अपने इस्तीफे की घोषणा की और इसे हालातों के मद्देनजर “सही फैसला” करार दिया। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को बताया कि जब तक नए कैबिनेट मंत्रियों को मंजूरी नहीं मिल जाती, सरकार अपना काम करती रहेगी।
लातविया के मीडिया हाउस एलएसएम के अनुसार, देश के राष्ट्रपति को सिलिना का इस्तीफा मिल गया है और नई सरकार बनाने का फैसला शुक्रवार को रीगा कैसल में साइमा ग्रुप के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान किया जाएगा।
सिलिना के पद छोड़ने से वर्तमान सरकार स्वतः बुधवार को गिर गई। इसी दिन गठबंधन में शामिल दल ‘प्रोग्रेसिव्स’ ने सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान कर दिया था।
सिलिना ने तंज कसते हुए कहा, “इस समय, सियासी विद्वेष और छोटी पार्टी के फायदे जिम्मेदारी से ज्यादा जरूरी हो गए हैं। रक्षा मंत्री के पद के लिए एक ताकतवर उम्मीदवार (कर्नल रायविस मेलनिस, जिन्हें सिलिना ने त्यागपत्र देने वाले प्रोग्रेसिव्स के मंत्री एंड्रिस स्प्रूड्स की जगह नॉमिनेट किया था) को देखकर, सियासी हवाबाजों ने एक सरकारी संकट को चुन लिया है। इसीलिए मैं अपने इस्तीफे की घोषणा कर रही हूं। यह कोई आसान फैसला नहीं है, लेकिन इस हालात में यही सही है।”
इससे पहले बुधवार को, लातविया के गृहमंत्री रिहार्ड्स कोजलोव्स्कीस (न्यू यूनिटी) ने कहा था कि सिलिना इस्तीफा देने का प्लान नहीं बना रहे हैं। हालांकि, एलएसएम की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रोग्रेसिव पार्लियामेंट्री ग्रुप के लीडर, एंड्रीस सुवाजेव्स ने गुरुवार को कहा कि अगर आज साइमा (लातवियाई पार्लियामेंट) में सिलिना के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर वोट होता है, तो सरकार गिर जाएगी।
पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले हफ्ते, लातविया के रक्षा मंत्री एंड्रीस स्प्रूड्स ने पद छोड़ दिया था, जब यूक्रेन के ड्रोन रूस से देश के एयरस्पेस में घुस आए और एक तेल भंडारण केंद्र पर हमला कर दिया।
10 मई को, लातविया की पीएम एविका सिलिना ने कहा कि उन्होंने स्प्रूड्स से इस्तीफा देने को कहा क्योंकि हमले से “यह पता चलता है कि रक्षा क्षेत्र का सियासी नेतृत्व हमारे देश के ऊपर सुरक्षित आसमान का अपना वादा पूरा करने में फेल रहा है।”
सिलिना ने एक्स पर लिखा, “स्प्रूड्स ने मेरा और जनता का भरोसा खो दिया है। मैंने रक्षा मंत्री एंड्रीस स्प्रूड्स के इस्तीफे की मांग करने का फैसला किया है। डिफेंस सेक्टर की जिम्मेदारी अब कोई पेशेवर ही संभालेगा। मैंने गठबंधन के दलों को इस फैसले के बारे में बता दिया है। इस हफ्ते हुई ड्रोन घटना ने साफ दिखाया है कि डिफेंस सेक्टर की पॉलिटिकल लीडरशिप हमारे देश के ऊपर सुरक्षित आसमान का अपना वादा पूरा करने में फेल रही है। जनता ने इस सेक्टर को अब तक की सबसे बड़ी फंडिंग दी है—जीडीपी का लगभग 5 फीसदी! यह एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है जिसके लिए साफ नतीजे चाहिए।”
–आईएएनएस
केआर/
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