‘भूकंप के तेज झटकों से ढाका में लग सकती है भयानक आग’, बांग्लादेशी मीडिया ने किया दावा

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नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 6–7 जुलाई, 2026 को गुवाहाटी, असम में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संस्थागत निरंतरता को सुदृढ़ करना तथा मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों के बीच ऑपरेशनल स्तर पर सहयोग को और बढ़ावा देना है। वैश्विक मादक पदार्थ तस्करी का परिदृश्य पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। सिंथेटिक ड्रग्स, न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (एनपीएस), डार्कनेट के माध्यम से…

नई दिल्ली, 5 जुलाई (आईएएनएस)। भारत अपनी ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत 6–7 जुलाई, 2026 को गुवाहाटी, असम में ब्रिक्स देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुखों की बैठक की मेजबानी करेगा। इसमें ब्रिक्स सदस्य देशों की मादक पदार्थ निरोधक एजेंसियों के प्रमुख और वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे।

बैठक का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच संस्थागत निरंतरता को सुदृढ़ करना तथा मादक पदार्थ नियंत्रण एजेंसियों के बीच ऑपरेशनल स्तर पर सहयोग को और बढ़ावा देना है। वैश्विक मादक पदार्थ तस्करी का परिदृश्य पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदला है। सिंथेटिक ड्रग्स, न्यू साइकोएक्टिव सब्सटेंस (एनपीएस), डार्कनेट के माध्यम से होने वाली तस्करी और क्रिप्टोकरेंसी आधारित वित्तीय लेन-देन जैसी प्रवृत्तियों ने जटिल अंतरराष्ट्रीय चुनौतियां उत्पन्न की हैं।

वहीं दूसरी ओर, अवरोधन प्रौद्योगिकियों, डेटा एनालिटिक्स और वित्तीय खुफिया तंत्र में हुई प्रगति ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई के नए अवसर भी प्रदान किए हैं।

भारत ब्रिक्स देशों की इस बैठक को संवाद-केंद्रित मंच से आगे बढ़ाकर एक स्ट्रक्चर्ड और परिणामोन्मुख सहयोगी व्यवस्था में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखता है।

इसमें ऑपरेशनल समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और उभरते मादक पदार्थ संबंधी खतरों के विरुद्ध सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने पर विशेष जोर रहेगा।

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित इस बैठक में तीन प्रमुख प्राथमिकताओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा: पहला, सिंथेटिक ड्रग्स और प्रीकर्सर रसायनों के दुरुपयोग और डायवर्जन; दूसरा, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और ऑपरेशनल समन्वय को सुदृढ़ बनाना और तीसरा, क्षमता निर्माण एवं संस्थागत सहयोग।

यह बैठक भारत को मादक पदार्थों की समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे अपने ठोस और प्रभावी प्रयासों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगी। मादक पदार्थों का दुरुपयोग जनसुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य तथा देश के युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती है। पिछले कुछ वर्षों में भारत ने मादक पदार्थ तस्करी और नशे के दुरुपयोग के विरुद्ध अपने अभियान को उल्लेखनीय रूप से सशक्त बनाया है।

सरकार जहां एक ओर मादक पदार्थ तस्करी और संगठित आपराधिक नेटवर्क के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर जन-जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता तथा नशे की लत से प्रभावित व्यक्तियों के उपचार एवं पुनर्वास पर भी समान रूप से बल दिया जा रहा है।

ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में भारत गुप्त प्रयोगशालाओं एवं उभरती सिंथेटिक ड्रग्स से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान, प्रीकर्सर रसायनों और फार्मास्यूटिकल की बेहतर निगरानी, खुफिया जानकारी के साझा उपयोग, श्रेष्ठ कार्य-पद्धतियों के आदान-प्रदान, संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के माध्यम से सहयोग को और सुदृढ़ करने का प्रयास करेगा।

–आईएएनएस

केके/पीएम

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