नेपाल के स्पीकर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दिया काठमांडू आने का न्योता

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काठमांडू, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और नेपाल के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। नेपाल के प्रतिनिधि सभा अध्यक्ष डोल प्रसाद आर्यल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेपाल यात्रा का निमंत्रण दिया है। नेपाल के स्पीकर सचिवालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। काठमांडू में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ हुई शिष्टाचार मुलाकात के दौरान स्पीकर आर्यल ने ओम बिरला को नेपाल आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकसभा अध्यक्ष की यात्रा से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संसदीय संवाद और द्विपक्षीय संबंधों को और…

काठमांडू, 9 जुलाई (आईएएनएस)। भारत और नेपाल के बीच संसदीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हुई है। नेपाल के प्रतिनिधि सभा अध्यक्ष डोल प्रसाद आर्यल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेपाल यात्रा का निमंत्रण दिया है। नेपाल के स्पीकर सचिवालय ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी।

काठमांडू में नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव के साथ हुई शिष्टाचार मुलाकात के दौरान स्पीकर आर्यल ने ओम बिरला को नेपाल आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकसभा अध्यक्ष की यात्रा से दोनों पड़ोसी देशों के बीच संसदीय संवाद और द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

बैठक के दौरान भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा, “लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला भी नेपाल यात्रा के इच्छुक हैं। उन्होंने नेपाल के स्पीकर आर्यल और नेपाली सांसदों को भारत आने का निमंत्रण दिया, ताकि वे भारतीय संसदीय व्यवस्था और कार्यप्रणाली का अध्ययन कर सकें।”

हालांकि भारत और नेपाल के सांसदों के बीच नियमित रूप से यात्राएं होती रही हैं, लेकिन हाल के वर्षों में दोनों देशों की संसदों के अध्यक्षों के बीच आधिकारिक यात्राएं सीमित रही हैं। ऐसे में यह पहल संसदीय कूटनीति को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बैठक में नेपाल के स्पीकर डोल प्रसाद आर्यल ने भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा दोनों देशों के रिश्ते साझा सभ्यता, भौगोलिक निकटता और गहरे सांस्कृतिक एवं सामाजिक संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि व्यापार, सुरक्षा, नागरिक उड्डयन, जल संसाधन, कनेक्टिविटी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग के माध्यम से द्विपक्षीय संबंध लगातार विस्तार कर रहे हैं।

आर्यल ने संसदीय कूटनीति को दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सहयोग बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने जानकारी दी कि नेपाल में नई प्रतिनिधि सभा के गठन के बाद भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह का गठन किया गया है। 10 सदस्यीय इस समूह का नेतृत्व सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद बिपिन आचार्य कर रहे हैं।

नेपाल के स्पीकर ने भारतीय संसद की सराहना करते हुए कहा, “भारत की संसद नेपाल के लोकतंत्र के लिए प्रेरणा का स्रोत रही है। भारतीय संसद ने अपने लंबे इतिहास में लोकतांत्रिक मूल्यों और सिद्धांतों की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।”

उन्होंने भारत की डिजिटल संसदीय पहलों, विशेष रूप से नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (एनईवीए) की भी प्रशंसा की और नेपाल की रुचि व्यक्त की कि वह भारत की पेपरलेस संसद और तकनीक आधारित विधायी प्रक्रियाओं से सीख ले सके।

स्पीकर आर्यल ने नेपाल में हाल ही में संपन्न आम चुनावों के दौरान भारत सरकार द्वारा दिए गए लॉजिस्टिक सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि नेपाल भारत के साथ अपने संबंधों को उच्च प्राथमिकता देता है।

वहीं, भारतीय राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने कहा कि संसदीय कूटनीति और उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद भारत-नेपाल संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में मदद करेंगे। उन्होंने व्यापार, संपर्क, ऊर्जा, शिक्षा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भारत की निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।

–आईएएनएस

केआर/

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