भारत-अमेरिका साझेदारी पहले से मजबूत, अब इसके विस्तार पर जोर: रूबियो

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नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो ने संबंधों को और विस्तार देने पर जोर दिया। रविवार को हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में रूबियो ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका ने “अद्भुत सहयोग” की नींव डाली है। रूबियो के अनुसार, उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य संबंधों को “पुनर्स्थापित” करना नहीं, बल्कि पहले से मौजूद “बहुत मजबूत और ठोस रणनीतिक साझेदारी” को और विस्तार देना है। उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को दुनिया की “सबसे महत्वपूर्ण…

नई दिल्ली, 24 मई (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान अमेरिकी समकक्ष मार्को रूबियो ने संबंधों को और विस्तार देने पर जोर दिया। रविवार को हैदराबाद हाउस में आयोजित बैठक में अपने शुरुआती संबोधन में रूबियो ने कहा कि दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र, भारत और अमेरिका ने “अद्भुत सहयोग” की नींव डाली है।

रूबियो के अनुसार, उनकी भारत यात्रा का उद्देश्य संबंधों को “पुनर्स्थापित” करना नहीं, बल्कि पहले से मौजूद “बहुत मजबूत और ठोस रणनीतिक साझेदारी” को और विस्तार देना है।

उन्होंने भारत के साथ अमेरिका की साझेदारी को दुनिया की “सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक” बताया।

अमेरिका के विदेश मंत्री ने कहा, “पहला दिन अब तक शानदार रहा है। हम आज की अपनी यात्राओं और बातचीत का इंतजार कर रहे हैं और देश को और बेहतर तरीके से जानने की उम्मीद रखते हैं।”

विदेश मंत्री जयशंकर की टिप्पणी को दोहराते हुए कि भारत और अमेरिका “रणनीतिक सहयोगी हैं जिनका अत्यंत महत्वपूर्ण महत्व है”, अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, “हम दुनिया और क्षेत्र के अलग-अलग देशों के साथ विभिन्न मुद्दों पर काम करते हैं, लेकिन हमारी रणनीतिक साझेदारी इस रिश्ते को अलग बनाती है क्योंकि यह केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं है। हम वैश्विक सहयोग की ओर भी अग्रसर हैं जिसमें पश्चिमी गोलार्ध के क्षेत्र भी शामिल हैं।”

अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका के कई साझा हित हैं और दोनों देश अपने “मजबूत और ठोस” संबंधों को आगे बढ़ाते रहेंगे।

उन्होंने कहा, “हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं, और यही अपने आप में सहयोग का एक मजबूत आधार है। हमारे कई साझा हित हैं, इसलिए आगे बढ़ते रहना पूरी तरह से स्वाभाविक है।”

रूबियो ने आगे कहा, “यह रिश्ता पुनर्स्थापना या पुनर्जीवन के बारे में नहीं है, जैसा कि कुछ लोग कहते हैं। यह पहले से मौजूद एक बहुत मजबूत और ठोस रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के बारे में है जो दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक है।”

विदेश मंत्री जयशंकर ने अपने शुरुआती संबोधन में कहा कि वह आश्वस्त हैं कि वार्ता सफल रहेगी। उन्होंने कहा, “हमारी एक व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है, जिसका अर्थ है कि हमारे बीच बहुत गहरा और व्यापक सहयोग है, जो दुनिया के अन्य हिस्सों पर भी प्रभाव डालता है।”

इसके बाद दोनों नेताओं ने हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक की, जिसमें व्यापार, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी आदि क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।

–आईएएनएस

केआर/

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