वाशिंगटन, 24 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका में ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। शीर्ष डेमोक्रेट नेताओं ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाते हुए युद्ध की बढ़ती लागत, स्पष्ट रणनीति की कमी और संघर्ष के लंबे खिंचने के खतरे को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
सीनेट में डेमोक्रेटिक नेता चक शूमर ने कहा कि इस युद्ध का कोई स्पष्ट लक्ष्य या रणनीति नहीं है। उन्होंने सीनेट में कहा, “ट्रंप का ईरान के साथ युद्ध चौथे हफ्ते में है और इसका कोई अंत नजर नहीं आ रहा।” चक शूमर ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रपति आगे की योजना को लेकर साफ जवाब देने में विफल रहे हैं।
चक शूमर ने व्हाइट हाउस के बयानों को भी विरोधाभासी बताया। उन्होंने कहा, “यह क्या हो रहा है? यह कमांडर-इन-चीफ की लीडरशिप नहीं है। या तो वह भ्रमित हैं, या सच नहीं बोल रहे, या दोनों एक साथ हैं।”
उन्होंने इस युद्ध को अमेरिका में बढ़ती पेट्रोल कीमतों से भी जोड़ा। उन्होंने कहा कि एक महीने पहले गैस की औसत कीमत करीब 2.93 डॉलर प्रति गैलन थी, जो अब बढ़कर 3.94 डॉलर हो गई है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के बाद देखी गई सबसे बड़ी मासिक उछालों में से एक है।
चक शूमर ने सीनेट में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए रिपब्लिकन नेताओं से हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमें जवाबदेही चाहिए, पारदर्शिता चाहिए, और सबसे जरूरी एक स्पष्ट रणनीति और अंत का रास्ता भी चाहिए।”
इसी तरह, सीनेटर ग्रेग लैंड्समैन ने कहा, “अब समय आ गया है कि ईरान में अभियान समाप्त किया जाए। न इसका विस्तार हो और न ही जमीनी सैनिक भेजे जाएं।”
ग्रेग लैंड्समैन के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च क्षमता को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया है और हथियारों के ढांचे को निशाना बनाने का उद्देश्य पूरा हो चुका है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि अब और गहराई से शामिल होना अमेरिका को बिना रणनीति वाले लंबे युद्ध में फंसा सकता है।
सीनेटर पीटर वेल्च ने भी सरकार के रुख की आलोचना की और युद्ध के लिए मांगे गए 200 अरब डॉलर के फंड का विरोध किया। उन्होंने कहा, “हमारा देश इस पीढ़ी के सबसे बड़े युद्ध में गहराई तक उतर चुका है, लेकिन अब तक सीनेट में एक भी सुनवाई नहीं हुई है।”
पीटर वेल्च ने इसके आर्थिक असर पर भी चिंता जताते हुए कहा कि पूरे देश में पेट्रोल की कीमतें कम से कम 1 डॉलर बढ़ गई हैं, जिससे एक आम अमेरिकी परिवार को सालाना करीब 2,000 डॉलर अतिरिक्त खर्च करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि उर्वरक और हीटिंग ऑयल की कीमतें भी तेजी से बढ़ रही हैं, जिससे परिवारों पर अतिरिक्त 1,000 डॉलर का बोझ पड़ सकता है।
वहीं, सीनेटर सारा जैकब्स ने इस पूरे मामले को अमेरिकी विदेश नीति की बड़ी गलती बताया। उन्होंने कहा, “यह शायद अमेरिकी विदेश नीति की सबसे बड़ी चूकों में से एक है।” सारा जैकब्स ने यह भी कहा कि सरकार के पास आगे की कोई स्पष्ट योजना नहीं है और आम लोगों को यह तक नहीं बताया जा रहा कि यह युद्ध है क्या, इसका लक्ष्य क्या है और इसकी लागत कितनी होगी।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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