संयुक्त राष्ट्र, 24 मार्च (आईएएनएस)। मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य संघर्ष के बाद से अब तक 2,100 से अधिक बच्चे या तो मारे जा चुके हैं या घायल हुए हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के उप कार्यकारी निदेशक टेड चैबन ने दी।
उन्होंने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संघर्ष शुरू हुए 23 दिन हो चुके हैं और इस दौरान पूरे क्षेत्र के बच्चे सबसे ज्यादा नुकसान झेल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह लड़ाई और लंबी चली या बड़े स्तर पर फैल गई, तो लाखों और बच्चों के लिए स्थिति बेहद भयावह हो सकती है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में 206 बच्चे ईरान में, 118 लेबनान में, चार इजरायल में और एक कुवैत में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से हर दिन औसतन 87 बच्चे या तो मारे जा रहे हैं या घायल हो रहे हैं। मौत और चोटों के अलावा, लगातार हो रही बमबारी और लोगों को जगह खाली करने के आदेशों के कारण कई देशों में बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
ईरान में संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के अनुमान के मुताबिक करीब 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं, जिनमें लगभग 8 लाख 64 हजार बच्चे शामिल हैं। वहीं लेबनान में 10 लाख से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ चुके हैं, जिनमें करीब 3 लाख 70 हजार बच्चे हैं।
चैबन ने कहा कि इस संघर्ष के बढ़ने से पहले ही मध्य पूर्व में लगभग 4 करोड़ 48 लाख बच्चे ऐसे हालात में रह रहे थे, जो पहले से ही संघर्ष से प्रभावित थे।
हाल ही में लेबनान के अपने दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां की स्थिति बेहद चिंताजनक है और पूरे क्षेत्र में जो हो रहा है, उस पर दुनिया का पूरा ध्यान और मिलकर कार्रवाई जरूरी है।
लेबनान में 350 से ज्यादा सरकारी स्कूलों को राहत शिविर बना दिया गया है, जिससे करीब 1 लाख बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। इसके अलावा पानी की व्यवस्था खराब हो गई है और लोगों की मदद करते समय कई स्वास्थ्यकर्मियों की मौत भी हुई है।
यूनिसेफ ने अब तक 250 से ज्यादा शिविरों और दूर-दराज के इलाकों में 1 लाख 51 हजार विस्थापित लोगों तक जरूरी सामान पहुंचाया है। साथ ही 188 शिविरों में करीब 46 हजार लोगों को पानी और साफ-सफाई की सुविधा दी जा रही है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरतें बहुत तेजी से बढ़ रही हैं और उपलब्ध संसाधन कम पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हम सभी पक्षों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत उनके दायित्वों की याद दिलाते हैं। जैसा कि महासचिव ने संकेत दिया है हमें इस युद्ध को रोकने और आगे बढ़ने के लिए एक राजनीतिक रास्ते की जरूरत है।”
–आईएएनएस
एएस/
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