बीजिंग, 10 जुलाई (आईएएनएस)। बीजिंग में शुक्रवार को भारी बारिश के चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीजिंग नगर बाढ़ नियंत्रण कार्यालय के मुताबिक, सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पूरे शहर में भारी बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश शहर के बाहरी इलाके पिंगगू जिले के एक बाजार में हुई, जहां 164 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
शुक्रवार शाम पांच बजे तक बीजिंग में 36,279 परिवारों के कुल 95,657 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया। भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ से बचाव के इंतजाम तेज कर दिए हैं और लोगों को एहतियात के तौर पर दूसरी जगह भेजा जा रहा है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, शहर के सभी बड़े और मध्यम आकार के जलाशय फिलहाल अपनी तय अधिकतम जल-सीमा से नीचे हैं। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि शुक्रवार शाम और रात में कई जगहों पर बहुत तेज बारिश और कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं, शनिवार तक भी हल्की से लेकर बहुत तेज बारिश जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना जरूरत घर से न निकलें और मौसम से जुड़ी चेतावनियों तथा आपातकालीन सूचनाओं पर लगातार नजर रखें।
जल संसाधन मंत्रालय की जानकारी के अनुसार मंगलवार को चीन ने बाढ़ नियंत्रण और आपातकालीन राहत के इंतजाम और मजबूत कर दिए थे, क्योंकि टाइफून ‘मायसक’ और ‘बावी’ के कारण देश के कई नदी क्षेत्रों में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई थी।
इस साल के 10वें टाइफून ‘मायसक’ की वजह से हाल के दिनों में दक्षिणी चीन के गुआंग्शी झुआंग ऑटोनॉमस रीजन में तेज बारिश हुई, जिससे पर्ल नदी क्षेत्र के कई हिस्सों में गंभीर बाढ़ आ गई। मंत्रालय ने कहा कि लगातार बारिश और बढ़ता जलस्तर आगे भी खतरा पैदा कर सकता है।
मंगलवार को गुआंग्शी ने बाढ़ के खतरे को देखते हुए सबसे ऊंचे स्तर का रेड अलर्ट जारी किया। इसके कुछ ही समय बाद पड़ोसी ग्वांगडोंग प्रांत ने भी बाढ़ को लेकर रेड अलर्ट घोषित कर दिया।
शुक्रवार से सुपर टाइफून ‘बावी’ के चीन के पूर्वी तट की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके करीब एक हफ्ते तक देश के छह प्रमुख नदी क्षेत्रों पर असर डालने की आशंका है, जिससे बाढ़ और उससे जुड़ी दूसरी आपदाओं का खतरा बढ़ सकता है।
जल संसाधन मंत्रालय ने संबंधित विभागों से कहा है कि गुआंग्शी में बाढ़ से बचाव के इंतजाम और मजबूत किए जाएं, निगरानी और समय रहते चेतावनी देने की व्यवस्था बेहतर बनाई जाए, जलाशयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, पहाड़ी इलाकों में अचानक आने वाली बाढ़ और छोटी-बड़ी नदियों के उफान पर नजर रखी जाए, साथ ही तटबंधों और जल परियोजनाओं की नियमित जांच भी की जाए।
–आईएएनएस
एवाई/वीसी
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