बलूचिस्तान में सिर्फ सुरक्षा पर फोकस, विकास और राजनीति को भूल रहा पाकिस्तान: रिपोर्ट

Summary :

इस्लामाबाद, 9 अगस्त (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अस्थिरता और अभाव के पीछे खराब प्रशासन मुख्य कारण है। शहबाज सरकार बलूचिस्तान को केवल सुरक्षा के चश्मे से देखती है और वहां संकट के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों का समाधान नहीं करती है। अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान संसाधनों से भरपूर है, लेकिन फिर भी इसका फायदा प्रांत के लोगों को नहीं मिलता है। बलूचिस्तान में ज्यादातर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स चीन ने चलाए हैं, जिसमें ग्वादर पोर्ट और सैंदक कॉपर और गोल्ड माइन शामिल हैं। चीनी या पाकिस्तान के पंजाब…

इस्लामाबाद, 9 अगस्त (आईएएनएस)। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अस्थिरता और अभाव के पीछे खराब प्रशासन मुख्य कारण है। शहबाज सरकार बलूचिस्तान को केवल सुरक्षा के चश्मे से देखती है और वहां संकट के सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों का समाधान नहीं करती है।

अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान संसाधनों से भरपूर है, लेकिन फिर भी इसका फायदा प्रांत के लोगों को नहीं मिलता है। बलूचिस्तान में ज्यादातर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स चीन ने चलाए हैं, जिसमें ग्वादर पोर्ट और सैंदक कॉपर और गोल्ड माइन शामिल हैं। चीनी या पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांतों के लोग बलूचिस्तान के संसाधनों से मुनाफा कमाते हैं, प्रांत के लोगों से नहीं।

इसमें कहा गया है कि बलूचिस्तान के जरूरतमंद लोग अक्सर अपने हक के लिए लड़ने और बलूचिस्तान में विदेशियों के प्रति अपना गुस्सा दिखाने के लिए मिलिटेंसी का रास्ता अपनाते हैं।

बलूचिस्तान में ज्यादातर लोग रिसोर्स, मानवाधिकार और शिक्षा की बहुत कमी में जी रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तान इस बात से इनकार करता है कि प्रांत के लोग नाखुश हैं। बलूचिस्तान के प्रति उसका नजरिया सुरक्षा पर केंद्रित रहा है, जबकि विकास और गवर्नेंस एजेंडा पीछे छूट गया।

अभी, बलूचिस्तान पाकिस्तान में सबसे ज्यादा गरीबी का सामना कर रहा है। यहां 47 फीसदी लोग गरीबी रेखा से नीचे रह रहे हैं। अफगान डायस्पोरा नेटवर्क की रिपोर्ट के अनुसार, एक्सट्रैक्शन और मेगा प्रोजेक्ट्स का हब होने के बावजूद प्रांत में बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार के मौके, गैस कनेक्शन और पीने का साफ पानी नहीं है।

पाकिस्तानी पत्रकार कदीम बलूच ने रिपोर्ट में लिखा, “एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि खराब गवर्नेंस अस्थिरता और कमी के पीछे की मुख्य वजह है। सरकार ने बलूचिस्तान को एक सुरक्षा के मुद्दे के तौर पर देखा और संकट के असली सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों को नजरअंदाज किया है।”

रिपोर्ट में आगे कहा गया कि चल रहा ‘ऑपरेशन शाबान’ आतंकवादियों को मारने के लिए सुर्खियों में आ सकता है, लेकिन यह कोई भी टिकाऊ शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने में नाकाम रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मिलिट्री बलूचिस्तान में अशांति के कई कारणों, जैसे कि संघवाद, पहचान और संसाधनों का सही बंटवारा की जड़ को सुलझाए बिना टिकाऊ शांति नहीं ला सकती।

स्थानीय मीडिया ने बताया कि शनिवार को बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स (बीआरजी) ने प्रांत के नसीराबाद में दो बिजली टावरों को नष्ट करने की जिम्मेदारी ली।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, बीआरजी के प्रवक्ता दोस्तिन बलूच ने एक बयान में कहा कि बीआरजी के सदस्यों ने नसीराबाद के मीर हसन इलाके के पास पीरू पुल इलाके में ओच पावर प्लांट से पंजाब जा रहे दो 220 केवी बिजली टावरों को उड़ा दिया।

धमाके की वजह से दो टावर गिर गए और दो और को बहुत नुकसान हुआ। प्रवक्ता ने कहा कि बीआरजी इस हमले की जिम्मेदारी लेता है और ऐसे ऑपरेशन तब तक जारी रहेंगे जब तक बलूचिस्तान पाकिस्तान से आजाद नहीं हो जाता।

–आईएएनएस

केके/डीकेपी

(This content is sourced from a syndicated feed and is published as received. Punjab Kesari assumes no responsibility or liability for its accuracy, completeness, or content.)

News Desk

News Desk is the editorial team of Punjab Kesari. This article is based on information provided by IANS.