इस्लामाबाद, 16 जुलाई (आईएएनएस)। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की संसदीय समिति ने पार्टी प्रमुख और पूर्व वजीर-ए-आजम इमरान खान की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर 5 अगस्त से देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसी दिन इमरान खान की जेल में बंदी के तीन साल पूरे होंगे।
यह फैसला खैबर पख्तूनख्वा में पीटीआई के अंतरिम अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया। बैठक में पार्टी के नेताओं ने संसदीय मामलों और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।
पीटीआई महासचिव सलमान अकरम राजा ने प्रमुख अंग्रेजी दैनिक डॉन से बातचीत में कहा कि पार्टी के सांसदों ने आंदोलन शुरू करने के लिए 5 अगस्त की तारीख तय की है। इस आंदोलन में जनसभाएं, विरोध प्रदर्शन और लंबा मार्च शामिल होंगे।
उन्होंने कहा, “यह भी तय किया गया है कि प्रदर्शन की योजना और अन्य गतिविधियों को अंतिम रूप देने के लिए महमूद खान अचकजई और अल्लामा राजा नासिर अब्बास की राय ली जाएगी।”
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए गोहर अली खान ने कहा कि बैठक में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी के स्वास्थ्य को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि 5 अगस्त को इमरान खान की जेल में तीसरे वर्ष की अवधि पूरी हो जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि अदालतें इमरान खान को न्याय नहीं दे रही हैं और देश में जारी अन्याय को समाप्त किया जाना चाहिए।
इससे पहले जून में इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी ने 190 मिलियन पाउंड के अल-कादिर यूनिवर्सिटी प्रोजेक्ट ट्रस्ट मामले में इस्लामाबाद हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, दंपति ने अपनी सजा पर रोक लगाने और अपील लंबित रहने तक रिहाई की मांग की है।
दंपति ने यह कदम इस्लामाबाद हाई कोर्ट द्वारा मई में उनकी सजा पर रोक लगाने संबंधी याचिकाओं को खारिज करने के बाद उठाया। पाकिस्तान के अखबार द न्यूज इंटरनेशनल के अनुसार, हाई कोर्ट ने कहा था कि उनकी मुख्य अपीलें पहले से ही सुनवाई के लिए निर्धारित हैं।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में इमरान खान और बुशरा बीबी ने कहा कि हाई कोर्ट ने अपील को सुनवाई योग्य मानने के बावजूद मामले के महत्वपूर्ण पहलुओं पर ध्यान नहीं दिया। याचिका में दावा किया गया कि सबूतों की प्रारंभिक समीक्षा किए बिना सजा पर रोक लगाने की अपील खारिज करना कानूनी रूप से गलत था।
याचिका में कहा गया कि सुनवाई के दौरान अदालत ने जमानत दी थी और आरोपों को आधारहीन बताया था। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) ने बार-बार स्थगन मांगा, जिससे अपील की प्रक्रिया लंबी हुई और न्याय में देरी हुई।
याचिका में इमरान खान और बुशरा बीबी की हिरासत के दौरान गंभीर स्वास्थ्य चिंताओं का भी उल्लेख किया गया। इसमें कहा गया कि इमरान खान को आंखों से जुड़ी समस्या हुई है और गंभीर स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद उन्हें रिहा न करना अन्याय है।
याचिका में यह भी दावा किया गया कि इमरान खान को एकांत कारावास के कारण मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा और उनकी गिरफ्तारी का तरीका गैरकानूनी और गैर-जिम्मेदाराना था। पीटीआई संस्थापक ने सुप्रीम कोर्ट से इस्लामाबाद हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने, सजा पर रोक लगाने और इमरान खान व बुशरा बीबी की तत्काल रिहाई का आदेश देने की मांग की है।
–आईएएनएस
केआर/
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