जर्मनी से 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा पेंटागन: मीडिया

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वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। पेंटागन जर्मनी से करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है, ऐसा एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया। नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी के हवाले से अमेरिकी मीडिया ने बताया कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हालिया टिप्पणियों को “अनुचित और अनुपयोगी” माना गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में मर्ज ने अमेरिका के ईरान के साथ सैन्य संघर्ष को “बिना योजना” वाला बताते हुए कहा था कि अमेरिका “ईरानी नेतृत्व के सामने अपमानित हो रहा है।” मर्ज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप…

वाशिंगटन, 2 मई (आईएएनएस)। पेंटागन जर्मनी से करीब 5,000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने की योजना बना रहा है, ऐसा एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने बताया।

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी के हवाले से अमेरिकी मीडिया ने बताया कि जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की हालिया टिप्पणियों को “अनुचित और अनुपयोगी” माना गया है।

इस हफ्ते की शुरुआत में मर्ज ने अमेरिका के ईरान के साथ सैन्य संघर्ष को “बिना योजना” वाला बताते हुए कहा था कि अमेरिका “ईरानी नेतृत्व के सामने अपमानित हो रहा है।”

मर्ज के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मर्ज की आलोचना की और कहा कि उन्हें इस विषय की समझ नहीं है तथा वे ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर गंभीर नहीं हैं।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका जर्मनी में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करने पर विचार कर रहा है और इस पर फैसला जल्द लिया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि स्पेन और इटली में तैनात अमेरिकी सैनिकों की संख्या भी घटाई जा सकती है।

ट्रंप ने यूरोपीय सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष में पर्याप्त मदद नहीं की है। उन्होंने इटली और स्पेन की भी आलोचना की।

उन्होंने गुरुवार को कहा कि वह स्पेन और इटली में भी अमेरिकी मिलिट्री की मौजूदगी कम कर सकते हैं। सवालिया अंदाज में कहा, “मुझे क्यों नहीं करना चाहिए? इटली ने कोई मदद नहीं की है। स्पेन का बर्ताव भी बहुत बुरा रहा है।”

वहीं, जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वेडेफुल ने कहा कि उनका देश अमेरिकी सैनिकों की संभावित कमी के लिए तैयार है।

ट्रंप ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल की मदद न करने पर यूरोपीय साथियों से खफा हैं , और वह लगातार ट्रुथ सोशल के माध्यम से अपना गुस्सा जाहिर करते रहे हैं। उन्होंने बुधवार को कहा था कि वह उन यूरोपीय देशों से सैनिकों को वापस बुलाने के बारे में सोच रहे हैं जिन्होंने जरूरत के समय अमेरिका का साथ नहीं दिया।

आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल के अंत तक जर्मनी में 36,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक तैनात थे, साथ ही करीब 1,500 रिजर्व सैनिक और 11,500 नागरिक कर्मचारी भी मौजूद थे। जर्मनी में अमेरिका के यूरोपीय और अफ्रीकी कमांड मुख्यालय भी स्थित हैं, और रामस्टेन एयर बेस अमेरिकी सैन्य अभियानों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

–आईएएनएस

केआर/

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