नई दिल्ली, 11 सितंबर (आईएएनएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे। वे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए हैं और उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी होने वाली है।
पुतिन के नई दिल्ली पहुंचने की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर लिखा, “रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए हार्दिक स्वागत है। हवाई अड्डे पर उनका स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया। भारत और रूस के बीच विशेष एवं विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी पर आधारित लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध हैं।”
पुतिन की यह यात्रा भारत और रूस के बीच लगातार हो रहे उच्चस्तरीय संपर्कों के बीच हो रही है। इससे पहले, पिछले सप्ताह बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान उनकी प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हुई थी।
बिश्केक में हुई उस बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए पुतिन से कहा था कि दुनिया को ‘लगातार चलते रहने वाले युद्ध’ से निकलकर ‘युद्ध के अंत’ की ओर बढ़ना चाहिए। यह संघर्ष रूस की ओर से पांच साल पहले यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला करने के बाद शुरू हुआ था।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था, “हमें ‘अनंत युद्ध’ की स्थिति से निकलकर ‘युद्ध के अंत’ की ओर बढ़ना होगा। पूरी मानवता की यही इच्छा है कि यह युद्ध जितनी जल्दी हो सके समाप्त हो।”
शुक्रवार को होने वाली मोदी-पुतिन बैठक में दोनों देशों के बीच साझेदारी की प्रगति की समीक्षा किए जाने और रणनीतिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
पुतिन की यात्रा से पहले रूसी सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने भारतीय मीडिया से कहा था कि दोनों नेता भारत-रूस संबंधों और दुनिया के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करेंगे। साथ ही, पुतिन प्रधानमंत्री मोदी को यूक्रेन संघर्ष की मौजूदा स्थिति के बारे में भी जानकारी देंगे।
बैठक के एजेंडे में रक्षा सहयोग प्रमुख विषयों में शामिल रहने की संभावना है। दोनों नेता चल रही और भविष्य में प्रस्तावित रक्षा परियोजनाओं पर भी चर्चा कर सकते हैं।
वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता भारत के पास है। इसी के तहत भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। इस सम्मेलन में ब्रिक्स सदस्य देशों, साझेदार देशों और विशेष आमंत्रित देशों के नेता भाग लेंगे।
विदेश मंत्रालय (एमईए) के अनुसार, सम्मेलन के दौरान सदस्य देश आपसी सहयोग को और मजबूत करने, साझा प्राथमिकताओं पर काम करने तथा वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर अपने विचार साझा करेंगे।
–आईएएनएस
एवाई/एएस
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