आईआरजीसी का दावा: होर्मुज स्‍ट्रेट के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी समुद्री ड्रोन को बनाया निशाना

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तेहरान, 11 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा क‍िया कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्‍ट्रेट में एक अमेरिकी चालक-रहित सतही वाहन (यूएसवी) को निशाना बनाया। आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि ‘सेलड्रोन एक्सप्लोरर’ प्रकार का यह यूएसवी एक ‘आक्रामक मिशन’ पर था और उसे जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर निशाना बनाया गया। आईआरजीसी के मुताबिक, सेलड्रोन एक्सप्लोरर यूएसवी का इस्तेमाल पहले इस क्षेत्र में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स 59 की ओर से किया जाता था, जिनका मुख्यालय बहरीन में है। संगठन ने कहा कि बहरीन…

तेहरान, 11 सितंबर (आईएएनएस)। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा क‍िया कि उसकी नौसेना ने होर्मुज स्‍ट्रेट में एक अमेरिकी चालक-रहित सतही वाहन (यूएसवी) को निशाना बनाया।

आईआरजीसी ने अपने आधिकारिक समाचार मंच सेपाह न्यूज पर जारी बयान में कहा कि ‘सेलड्रोन एक्सप्लोरर’ प्रकार का यह यूएसवी एक ‘आक्रामक मिशन’ पर था और उसे जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर निशाना बनाया गया।

आईआरजीसी के मुताबिक, सेलड्रोन एक्सप्लोरर यूएसवी का इस्तेमाल पहले इस क्षेत्र में अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स 59 की ओर से किया जाता था, जिनका मुख्यालय बहरीन में है। संगठन ने कहा कि बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डा पहले ईरानी हमलों का निशाना बन चुका है। आईआरजीसी के अनुसार, अब इन यूएसवी का इस्तेमाल ओमान के खासाब में तैनात एक यूनिट द्वारा किया जा रहा है।

स‍िन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी ने एक बार फिर दावा किया कि होर्मुज स्‍ट्रेट उसके नियंत्रण में है और चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी शत्रुतापूर्ण उपस्थिति को निशाना बनाया जाएगा।

मंगलवार को आईआरजीसी नौसेना ने कहा था कि उसकी सेना ने होर्मुज स्‍ट्रेट के प्रवेश द्वार पर अमेरिकी सेना की सबसे आधुनिक और उन्नत चालक-रहित पनडुब्बियों में से एक को पकड़ लिया है। इस पनडुब्बी की पहचान ‘डाइव-एलडी’ के रूप में की गई।

बाद में अमेरिकी सेना ने कहा कि क्षेत्रीय समुद्री सर्वेक्षण के दौरान उसका एक पानी के भीतर चलने वाला ड्रोन तकनीकी खराबी का शिकार हो गया था। हालांकि अमेरिका ने यह नहीं बताया कि वह उपकरण ईरान के कब्जे में गया या नहीं।

इससे पहले, बुधवार को आईआरजीसी ने कहा था कि ईरान जल्द ही क्षेत्रीय समुद्री इलाकों में एक ‘प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित करेगा। यदि कोई जहाज ईरान से समन्वय किए बिना उस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अर्ध-आधिकारिक तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, आईआरजीसी के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी ने अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से कहा, “अगर कोई जहाज बिना समन्वय के इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उस पर हमारे प्रतिबंधात्मक कदम लागू होंगे। इसका मतलब यह है कि भविष्य में वह होर्मुज स्‍ट्रेट का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। साथ ही हम उसे बंदरगाह, बीमा और दूसरी जरूरी सेवाएं भी नहीं देंगे।”

उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की सटीक सीमाएं बाद में घोषित की जाएंगी। सामान्य तौर पर यह क्षेत्र ईरान के दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर चाबहार के आसपास से शुरू होगा और इसमें ओमान की खाड़ी, अरब सागर तथा होर्मुज स्‍ट्रेट तक जाने वाले समुद्री मार्गों के कुछ हिस्से शामिल होंगे।

मोहब्बी ने होर्मुज स्‍ट्रेट को ‘ईरान की ताकत का जलडमरूमध्य’ बताया। उन्होंने कहा कि ईरान इस ताकत का इस्तेमाल अपने ‘दुश्मनों की आक्रामकता’ का जवाब देने और उन्हें ऐसी गतिविधियां रोकने के लिए मजबूर करने में करेगा।

इसी बीच, बुधवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सेना की ओर से एक रात पहले किए गए उस कथित हमले की कड़ी निंदा की, जिसमें कई ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है।

–आईएएनएस

एवाई/एएस

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IANS Agency

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