वेस्ट बैंक में आईडीएफ सैनिकों ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल को रोका, अमेरिकी सांसद ने नेतन्‍याहू से जांच की मांग की

वॉशिंगटन, 12 जुलाई (आईएएनएस)। भारतीय-अमेरिकी कांग्रेसमैन रो खन्ना ने आरोप लगाया है कि वेस्ट बैंक में हथियारबंद इजरायली लोगो और इजरायली सैनिकों ने उन्हें और उनके साथ गए दूसरे अमेरिकी नागरिकों को कुछ समय के लिए रोककर रखा। उन्होंने इस घटना की जांच की मांग की है।

कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सांसद खन्ना ने एनबीसी न्यूज को बताया कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक के तीन दिन के दौरे के दौरान उनकी टीम को वहां कुछ लोगों ने रोक लिया, उनके पास एम-4 राइफलें थीं।

उन्होंने कहा कि उस समय उनकी टीम को अपनी सुरक्षा को लेकर डर लग रहा था।

उन्होंने बताया, “इन लोगों के हाथों में एम-4 राइफलें थीं। वे हमारी गाड़ी के टायरों को लात मार रहे थे, हम पर हंस रहे थे, हमारा मजाक उड़ा रहे थे और हमारा वीडियो बना रहे थे।”

खन्ना के अनुसार, उन लोगों ने करीब 20 मिनट तक उनके दल को रोके रखा। इसके बाद इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के चार सैनिक वहां पहुंचे। उनका आरोप है कि सैनिकों ने तुरंत रास्ता साफ कराने के बजाय वहां मौजूद लोगों को हटाने की जगह समूह को और रोककर रखा। खन्ना ने कहा क‍ि हम करीब 20 मिनट तक रोके गए और हमें अपनी जान का डर था।

इसके बाद इस दल ने अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया। खन्ना ने बताया कि डेविड ब्राउनस्टीन नाम के एक अधिकारी ने मामले में दखल दिया और इजरायली अधिकारियों से बात की। उन्होंने कहा कि घटना शुरू होने के करीब 75 मिनट बाद उन्हें वहां से आगे जाने दिया गया।

हालांकि, आईडीएफ ने खन्ना के आरोपों को खारिज किया है। एनबीसी न्यूज को दिए गए बयान में आईडीएफ ने कहा कि सैनिकों को मौके पर भेजा गया था और उन्होंने रास्ता बंद करने वालों को हटाकर सड़क खुलवा दी थी।

आईडीएफ ने कहा, “सैनिकों को जल्दी से मौके पर भेजा गया। उन्होंने इजरायली नागरिकों को वहां से हटाया और बंद सड़क को दोबारा खोल दिया। इलाके में मौजूद आईडीएफ सैनिकों ने सड़क रोकने में कोई भूमिका नहीं निभाई।”

खन्ना ने इस बयान को गलत बताया। उन्होंने कहा क‍ि आईडीएफ झूठ बोल रहा है। जो हुआ वह पहले कभी नहीं हुआ था। खन्ना ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मांग की कि वे इस मामले में बसने वालों और उन चार आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ जांच का आदेश दें।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैमरों की फुटेज से यह साफ हो सकता है कि असल में क्या हुआ था। प्रधानमंत्री को इन हिंसक लोगों के खिलाफ जांच शुरू करनी चाहिए। उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा क‍ि सुरक्षा कैमरे दिखा सकते हैं कि वे अमेरिकी नागरिकों को रोकने में शामिल थे। वे अमेरिकी पासपोर्ट रखने वाले लोगों के साथ ऐसा व्यवहार कैसे कर सकते हैं?

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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