वॉशिंगटन, 23 जून (आईएएनएस) माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंडस्ट्री में बढ़ते केंद्रीकरण पर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि केवल कुछ ही कंपनियों को उस टेक्नोलॉजी का भविष्य तय नहीं करने देना चाहिए, जो तेजी अर्थव्यवस्थाओं, कार्यस्थलों और समाजों को बदल रही है।
‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के साथ इंटरव्यू में बातचीत के दैरान नडेला ने एआई के अगले चरण के लिए विजन का जिक्र किया। यह विजन कम लागत वाले मॉडल, यूजर के ज्यादा कंट्रोल और टेक्नोलॉजी तक अधिक लोगों की पहुंच पर केंद्रित है।
नडेला ने कहा, “आप यह नहीं कह सकते कि सभी व्हाइट-कॉलर नौकरियां खत्म हो गई हैं और यह एक हथियार भी बन सकता है, और हम डेटा सेंटर बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।”
उन्होंने कहा कि जनता ऐसा भविष्य स्वीकार नहीं करेगी जिसमें एआई की लर्निंग, इस्तेमाल और उससे होने वाले फायदों पर सिर्फ कुछ ही कंपनियों का नियंत्रण हो। इसके बजाय, उन्होंने ऐसे तरीके की वकालत की जिससे जनता का भरोसा जीता जा सके।
इस इंटरव्यू ने नडेला को एआई की दौड़ की दिशा को लेकर चल रही बहस में सबसे आगे लाकर खड़ा कर दिया है। हालांकि उन्होंने किसी खास प्रतिद्वंद्वी का नाम नहीं लिया, लेकिन उन्होंने उस मॉडल की आलोचना की जिसमें कुछ ही कंपनियां एआई से मिलने वाले ज्यादातर फायदे अपने पास रखती हैं। साथ ही, उन्होंने सुरक्षा से जुड़े जोखिमों, नौकरियों के नुकसान और अपने सिस्टम को बड़े पैमाने पर चलाने के लिए जरूरी भारी-भरकम संसाधनों के बारे में भी चेतावनी दी।
माइक्रोसॉफ्ट के सामने सबसे अहम फैसलों में से एक यह है कि क्या वह डीपसीक को होस्ट करे या नहीं। डीपसीक एक चीनी एआई कंपनी है जिसके कम कीमत वाले मॉडल्स ने दुनिया भर का ध्यान खींचा है। ऐसा कदम उठाने से चीनी कंपनी की पहुंच काफी बढ़ सकती है, साथ ही उन बड़े एआई डेवलपर्स पर दबाव भी बढ़ सकता है जो पहले से ही बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कम कीमतों की चुनौती का सामना कर रहे हैं।
नडेला ने कहा कि एआई का भविष्य अधिक लोकतांत्रिक होना चाहिए और यह कुछ ही फ्रंटियर मॉडल डेवलपर्स पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीकी तरक्की का फोकस नौकरियां खत्म करने के बजाय काम को नए सिरे से व्यवस्थित करने पर होना चाहिए।
रोजगार पर एआई के असर के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, “नहीं, क्यों न हम नौकरियों को नए सिरे से व्यवस्थित करने के बारे में सोचें?”
उन्होंने माना कि इस बदलाव से कुछ परेशानियां तो होंगी, लेकिन उन्होंने कहा कि कंपनियों को कर्मचारियों के लिए ऐसे व्यावहारिक तरीके खोजने होंगे जिनसे वे इस बदलाव के साथ ढल सकें। उन्होंने कहा, “हां, इसमें बहुत सारे बदलाव और लोगों के काम या भूमिका में बदलाव शामिल हैं, लेकिन एक रास्ता भी है।”
नडेला ने एआई को एक ‘नॉलेज इंजन’ बताया जो संगठनों को कर्मचारियों, डेटा और टेक्नोलॉजी का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद करता है। उन्होंने कल्पना की कि कंपनियां किसी एक प्रोवाइडर पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग क्षमताओं और कीमतों वाले कई तरह के मॉडल्स का इस्तेमाल करेंगी।
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों का भरोसा फिर से जीतने के लिए सिर्फ बातें करना काफी नहीं होगा।
उन्होंने कहा, “सिर्फ बातें करने से काम नहीं चलेगा, क्योंकि अभी हम जिस स्थिति में हैं, हमें असल में करके दिखाना होगा। हमें अब लोगों का भरोसा और मंजूरी पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।”
ये बातें ऐसे समय में कही गई हैं जब अमेरिका और दुनिया की दूसरी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में एआई के रोजगार, आर्थिक ताकत और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा पर असर को लेकर बहस तेज हो रही है। टेक्नोलॉजी कंपनियां एआई इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा सेंटर्स और एडवांस्ड कंप्यूटिंग सिस्टम में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं।
माइक्रोसॉफ्ट, एआई के क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के साथ पार्टनरशिप और निवेश के जरिए इस सेक्टर में सबसे अग्रणी कंपनियों में से एक बनी हुई है।
–आईएएनएस
एबीएस
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