ट्रंप के खास प्रतिनिधि सर्जियो गोर भारत-अमेरिका साझेदारी की अहम कड़ी, द्विपक्षीय रिश्तों को दी रफ्तार

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वॉशिंगटन, 27 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत में खास प्रतिनिधि राजदूत सर्जियो गोर ने बहुत कम समय में भारत-अमेरिका रिश्तों को नई रफ्तार देने में अहम भूमिका निभाई है। भारत और अमेरिका के बढ़ते रणनीतिक रिश्तों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों और बिजनेस नेताओं का यही मानना है। सिर्फ छह महीने के अंदर ही गोर भारत में ट्रंप प्रशासन के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने व्यापार वार्ताओं, रणनीतिक सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) से जुड़े काम और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की भारत यात्रा में अहम भूमिका निभाई। जनरल एटॉमिक्स…

वॉशिंगटन, 27 मई (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत में खास प्रतिनिधि राजदूत सर्जियो गोर ने बहुत कम समय में भारत-अमेरिका रिश्तों को नई रफ्तार देने में अहम भूमिका निभाई है। भारत और अमेरिका के बढ़ते रणनीतिक रिश्तों पर नजर रखने वाले विश्लेषकों और बिजनेस नेताओं का यही मानना है।

सिर्फ छह महीने के अंदर ही गोर भारत में ट्रंप प्रशासन के सबसे चर्चित चेहरों में शामिल हो गए हैं। उन्होंने व्यापार वार्ताओं, रणनीतिक सहयोग, महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) से जुड़े काम और विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हाल की भारत यात्रा में अहम भूमिका निभाई।

जनरल एटॉमिक्स ग्लोबल कॉर्पोरेशन के चीफ एग्जीक्यूटिव डॉ. विवेक लाल ने गोर को ‘यूनाइटेड स्टेट्स के लिए एक बहुत ही शानदार एम्बेसडर’ बताया।

डॉ. विवेक लाल ने आईएएनएस से कहा, “वह सच में इस रिश्ते को आगे बढ़ाने वाले मुख्य व्यक्ति हैं।”

उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में गोर की मौजूदगी से दोनों देशों के रिश्तों में ‘बड़ा बदलाव’ आया है और आगे भी यह रिश्ता मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रहेगी।

लाल ने कहा, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बहुत अच्छा और मजबूत रिश्ता है।”

यूएस इंडिया स्ट्रेटेजिक एंड पार्टनरशिप फोरम (यूएसआईएसपीएफ) के अध्यक्ष और सीईओ मुकेश अघी ने कहा कि गोर ने रिश्तों को तेजी और साफ दिशा दी है।

अघी ने आईएएनएस से कहा, “सिर्फ छह महीने में ही एंबेसडर गोर ने बहुत तेजी से काम शुरू किया है। उनके पहले 100 दिनों में जबरदस्त ऊर्जा और लगातार जुड़ाव देखने को मिला, और उनका फोकस साफ तौर पर नतीजे देने पर रहा है।”

अघी के मुताबिक, गोर ने आर्थिक और रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से कदम उठाए।

उन्होंने कहा क‍ि ऑफिस संभालने के पहले महीने के अंदर ही एंबेसडर गोर ने व्यापार समझौते के शुरुआती कदमों को आगे बढ़ाने में मदद की। उन्होंने भारत-अमेरिका रिश्तों को वॉशिंगटन की वैश्विक रणनीति का अहम हिस्सा बताया।

उन्होंने यह भी कहा कि गोर ने महत्वपूर्ण व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने, रक्षा सहयोग मजबूत करने, ‘पैक्स सिलिका’ में भारत की एंट्री को समर्थन देने, क्रिटिकल मिनरल्स में साझेदारी बढ़ाने और रुबियो की भारत यात्रा को प्राथमिकता देने में अहम भूमिका निभाई।

अघी ने कहा, “ये सब दिखाता है कि एंबेसडर गोर इस साझेदारी को लेकर कितने उत्साहित और गंभीर हैं।”

हडसन इंस्टीट्यूट में सीनियर फेलो अपर्णा पांडे ने कहा कि गोर ने पब्लिकली रिश्ते को ऊंचा उठाया है।

उन्होंने आईएएनएस से कहा, “एंबेसडर गोर ने इस रिश्ते में नया जोश लाया है और इसे लोगों के बीच ज्यादा प्रमुख बनाया है, जो अच्छी बात है।”

उन्होंने आगे कहा क‍ि अगर वह इस साझेदारी के रणनीतिक पहलू को और मजबूत कर सकें, तो यह और भी बेहतर होगा।

गोर जनवरी 2026 से भारत में अमेरिका के राजदूत हैं। वह दक्षिण और मध्य एशिया मामलों के लिए अमेरिका के विशेष दूत की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। भारत आने से पहले वह ट्रंप प्रशासन में व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सोनल ऑफिस के निदेशक थे।

पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच रक्षा, महत्वपूर्ण तकनीकों, सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन को मजबूत करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग काफी बढ़ा है। दोनों देश अब आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर भी अपने तालमेल को और मजबूत कर रहे हैं क्योंकि वॉशिंगटन भारत को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक अहम साझेदार के रूप में देख रहा है।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम

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