तिब्बत के निर्वासित प्रमुख पेनपा त्सेरिंग ने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली

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धर्मशाला, 27 मई (आईएएनएस)। तिब्बत-चीन संघर्ष के समाधान पर अडिग रहते हुए पेनपा त्सेरिंग ने बुधवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सिक्योंग (अध्यक्ष) के रूप में अपने दूसरे लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए शपथ ली। यह समारोह उत्तरी भारतीय पहाड़ी शहर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 90 वर्षीय तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की उपस्थिति में संपन्न हुआ। शपथ ग्रहण समारोह में अपने उद्घाटन भाषण में, सिक्योंग त्सेरिंग ने सीटीए की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह परम पावन दलाई लामा के विचारों और सलाह को अपने मूल में रखेगा। उन्होंने दोहराया कि काशाग (कैबिनेट)…

धर्मशाला, 27 मई (आईएएनएस)। तिब्बत-चीन संघर्ष के समाधान पर अडिग रहते हुए पेनपा त्सेरिंग ने बुधवार को केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सिक्योंग (अध्यक्ष) के रूप में अपने दूसरे लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए शपथ ली।

यह समारोह उत्तरी भारतीय पहाड़ी शहर हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में 90 वर्षीय तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

शपथ ग्रहण समारोह में अपने उद्घाटन भाषण में, सिक्योंग त्सेरिंग ने सीटीए की इस प्रतिबद्धता को दोहराया कि वह परम पावन दलाई लामा के विचारों और सलाह को अपने मूल में रखेगा।

उन्होंने दोहराया कि काशाग (कैबिनेट) तिब्बत-चीन संघर्ष का न्यायसंगत समाधान प्राप्त होने तक तिब्बती संघर्ष की दीर्घकालिक स्थिरता के प्राथमिक लक्ष्य के साथ राजनीतिक और सामाजिक कल्याणकारी पहलों को आगे बढ़ाएगी।

स्पष्ट शब्दों में उन्होंने कहा कि चीनी सरकार की राष्ट्रीयताओं के प्रति वर्तमान नीति को देखते हुए बातचीत की गुंजाइश बहुत कम दिखती है। फिर भी, 17वीं काशाग परम पावन दलाई लामा द्वारा परिकल्पित ‘मध्यमार्ग नीति’ के प्रति दृढ़ संकल्पित है, जिसका उद्देश्य अहिंसा, संवाद और पारस्परिक लाभ के माध्यम से चीन-तिब्बत संघर्ष का स्थायी समाधान खोजना है। परिणामस्वरूप, जब तक कोई समाधान नहीं निकल जाता, हम ‘मध्यमार्ग नीति’ के लिए अंतरराष्ट्रीय मान्यता और समर्थन को मजबूत करने की रणनीतियों पर काम करते हुए, चीनी सरकार के साथ सावधानीपूर्वक और स्थिर रूप से गुप्त संचार जारी रखेंगे।

पुनः निर्वाचित सिक्योंग त्सेरिंग के नेतृत्व में काशाग तिब्बती जनता की सेवा में इस दृढ़ विश्वास के साथ कार्यरत है कि तिब्बत का भविष्य तिब्बती जनता का है, न कि बीजिंग द्वारा थोपे गए सत्तावादी नियंत्रण का।

सिक्योंग त्सेरिंग ने कहा कि हमारा दृढ़ विश्वास है कि राजनीति, प्रशासन और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में 16वें काशाग की हर उपलब्धि परम पावन दलाई लामा के असीम आशीर्वाद और दूरगामी नेक कार्यों के कारण ही संभव हो पाई है… तिब्बत में तिब्बती जनता की अटूट प्रतिबद्धता—परम पावन दलाई लामा के प्रति उनकी श्रद्धा और स्नेह तथा अपनी राष्ट्रीय पहचान को संरक्षित करने का उनका दृढ़ संकल्प। यही हमारे कार्य को आगे बढ़ाने वाली प्रेरणा का मुख्य स्रोत है।

अपने संकल्पों को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि काशाग तिब्बत-चीन संघर्ष के न्यायसंगत समाधान तक तिब्बती संघर्ष की दीर्घकालिक स्थिरता के प्राथमिक लक्ष्य के साथ राजनीतिक और सामाजिक कल्याणकारी पहलों को आगे बढ़ाएगा।

–आईएएनएस

एमएस/

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