होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अपनी नीति बदल सकता है अमेरिका, ट्रंप ने दिए संकेत

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वाशिंगटन, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अमेरिका अपनी नीति बदल सकता है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अपने मौजूदा सैन्य अभियान को खत्म करेगा, तब इस अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को उठानी पड़ सकती है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही सैन्य कार्रवाई खत्म होने के बाद अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा में अपनी भूमिका जारी नहीं रखेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट का…

वाशिंगटन, 1 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अमेरिका अपनी नीति बदल सकता है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका अपने मौजूदा सैन्य अभियान को खत्म करेगा, तब इस अहम समुद्री रास्ते की सुरक्षा की जिम्मेदारी दूसरे देशों को उठानी पड़ सकती है।

व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ चल रही सैन्य कार्रवाई खत्म होने के बाद अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग की सुरक्षा में अपनी भूमिका जारी नहीं रखेगा।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “होर्मुज स्ट्रेट का आगे क्या होगा, उससे हमारा कोई लेना-देना नहीं होगा।” इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका इस क्षेत्र से अपनी सुरक्षा जिम्मेदारी वापस ले सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के लिए बेहद अहम रास्ता है, क्योंकि यहां से रोजाना बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है। ट्रंप का कहना है कि जिन देशों को इस रास्ते से फायदा होता है, उन्हें ही इसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी उठानी चाहिए। उन्होंने कहा, “यह काम फ्रांस या अन्य देशों का होगा, जो इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।”

उन्होंने चीन जैसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों का भी जिक्र किया और कहा, “चीन अपने जहाजों के लिए खुद ईंधन भरेगा और अपनी सुरक्षा खुद करेगा।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ने इस क्षेत्र में मौजूद खतरों को काफी हद तक खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमने कड़ी कार्रवाई की और स्ट्रेट के आसपास मौजूद कई कट्टरपंथी तत्वों को खत्म कर दिया।”

उन्होंने भरोसा जताया कि अमेरिकी सेना के हटने के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे। ट्रंप ने कहा, “जब हम यहां से जाएंगे, तो हालात काफी हद तक सुधर चुके होंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि अभी जहाजों की आवाजाही में सुधार देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा, “आज मुझे जानकारी मिली कि बड़ी संख्या में जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं।”

हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि यह जलमार्ग अब भी जोखिम भरा हो सकता है। ट्रंप के इन बयानों से संकेत मिलता है कि दुनिया के इस बेहद संवेदनशील और अहम समुद्री क्षेत्र में अमेरिका अपनी नौसैनिक भूमिका को कम कर सकता है और अन्य देशों से ज्यादा जिम्मेदारी लेने की उम्मीद कर रहा है।

–आईएएनएस

एएस/

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