वाशिंगटन, 2 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में मंगलवार को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में प्रचार का आखिरी बड़ा दांव खेलते हुए सीनेट पर नियंत्रण बरकरार रखने की अपील की। आयोवा और कंसास में चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने साफ कहा, ”हमें सीनेट जीतनी ही होगी।”
रविवार को आयोवा के डब्यूक पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप के साथ प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन और गृह मंत्री डग बर्गम भी मौजूद थे।
ट्रंप ने कहा, “रिपब्लिकन पार्टी को सीनेट में अपनी पकड़ बनाए रखनी होगी।” उन्होंने मुस्लिम ब्रदरहुड का जिक्र करते हुए कहा, “पार्टी में एक, दो या तीन वोट रखने वाले लोग भी अपना प्रभाव जमाने लगते हैं और पार्टी को अपने हिसाब से चलने के लिए मजबूर करते हैं।”
ट्रंप ने कहा कि वह आयोवा में सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिन्सन और कंसास में रोजर मार्शल के समर्थन में पहुंचे हैं। उन्होंने दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा, “हमें भरोसा है कि दोनों चुनाव जीतेंगे।”
इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मैं आयोवा के बाद कंसास जाऊंगा और यह मेरे चुनाव प्रचार का आखिरी पड़ाव होगा।” उन्होंने आयोवा में सीनेट उम्मीदवार एश्ले हिन्सन और गवर्नर पद के उम्मीदवार जैक लाह्न तथा कंसास में रोजर मार्शल और टाइ मास्टरसन के समर्थन की बात कही।
इस बीच मिशिगन की सीनेट सीट को लेकर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ट्रंप ने डेमोक्रेटिक पार्टी की कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस की ओर से रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स का समर्थन किए जाने का स्वागत किया। रोजर्स का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार अब्दुल अल-सईद से है।
ट्रंप ने स्टीवंस के इस कदम को समझदारी भरा फैसला बताया। उन्होंने कहा, “किसी ने इसकी उम्मीद नहीं की थी, लेकिन यह सही कदम है” क्योंकि उनके मुताबिक अल-सईद देश को नुकसान पहुंचाएंगे। ट्रंप ने कहा, “स्टीवंस को फोन कर धन्यवाद देना चाहूंगा।” उनसे पूछा गया कि क्या वह चाहेंगे कि स्टीवंस रिपब्लिकन पार्टी में शामिल हों, तो उन्होंने कहा कि उनका स्वागत होगा।
स्पीकर माइक जॉनसन ने भी स्टीवंस के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह चुनाव विवेकपूर्ण सोच और अतिवादी विचारों के बीच मुकाबला है। उन्होंने दावा किया, “स्टीवंस और उनके मंगेतर को काफी धमकियां मिल रही हैं। स्टीवंस खतरे में हो सकती हैं और उन्होंने यह कदम उठाकर साहस दिखाया है।”
ट्रंप ने अपने मध्यावधि चुनाव प्रचार को अभूतपूर्व बताते हुए कहा, ” रैलियों में भारी भीड़ उमड़ रही है और किसी भी जगह सीटें खाली नहीं रही हैं।”
चुनावी प्रचार के अलावा ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हुई बातचीत का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे “बहुत अच्छी बातचीत” बताया। हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से बातचीत का आधिकारिक ब्योरा जारी नहीं किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच युद्ध से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
समाचार वेबसाइट एक्सियोस की रविवार की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू मंगलवार के मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर तत्काल हमले के लिए ट्रंप पर दबाव बना रहे हैं। वहीं ट्रंप फिलहाल ईरान के साथ बातचीत को आगे बढ़ने देने के पक्ष में हैं। रिपोर्ट में एक इजरायली सूत्र ने शनिवार की बातचीत को सख्त, जबकि अमेरिकी सूत्र ने इसे सीधी बातचीत बताया। हालांकि, व्हाइट हाउस और इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार किया।
कनाडा के साथ व्यापारिक बातचीत पर ट्रंप ने कहा,” दोनों देशों के बीच एक ऐसे समझौते की रूपरेखा है, जो अमेरिकी किसानों और अमेरिका के लिए अच्छा होगा तथा कनाडा के लिए भी ठीक रहेगा।” उन्होंने बताया कि इस संबंध में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से उनकी बातचीत हुई है।
ट्रंप ने स्ट्रोक से जूझ रहे डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी के बारे में पूछे जाने पर कहा कि वह उचित समय पर उनसे संपर्क करेंगे।
मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के सामने सीनेट में अपना नियंत्रण बनाए रखने की चुनौती है। ट्रंप ने रविवार को कंसास में प्रचार के साथ अपने चुनावी अभियान का समापन किया।
–आईएएनएस
केआर/
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