वॉशिंगटन, 26 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका के एरिजोना में एक हफ्ते तक चले एनफोर्समेंट ऑपरेशन ने 379 लोगों पर इमिग्रेशन से जुड़े अपराधों के आरोप लगाए हैं। इनमें गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने, देश से निकाले जाने के बाद दोबारा अवैध रूप से आने और प्रवासियों की कथित तस्करी से जुड़े मामले शामिल हैं।
डिस्ट्रिक्ट ऑफ एरिजोना के अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस ने बताया कि ये आरोप 19 से 25 सितंबर के बीच चलाए गए अभियान के दौरान दर्ज किए गए। फेडरल अधिकारियों ने 155 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए, जिन पर अमेरिका से पहले निकाले जाने के बाद गैरकानूनी तरीके से दोबारा देश में आने का आरोप है। इसके अलावा 191 लोगों पर गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में प्रवेश करने का आरोप लगाया गया।
अभियोजकों ने 32 लोगों के खिलाफ 28 मामले भी दर्ज किए। इन लोगों पर बिना वैध दस्तावेज वाले प्रवासियों को एरिजोना में लाने या एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का आरोप है। एक व्यक्ति पर अमेरिकी बॉर्डर पेट्रोल एजेंट पर हमला करने का आरोप भी लगाया गया। अटॉर्नी ऑफिस ने कहा कि सीमा पर कानून लागू करने के दौरान अधिकारियों की सुरक्षा उसकी अहम प्राथमिकताओं में शामिल है।
इन मामलों को प्रॉसिक्यूटर को सौंपा गया या कई फ़ेडरल एजेंसियों ने इनमें मदद की। इनमें यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट का एनफोर्समेंट एंड रिमूवल ऑपरेशन्स और होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन्स शामिल थे।
एक मामले में अमेरिकी नागरिक गिल्डा सबास मार्टिनेज पर बिना वैध दस्तावेज वाले एक प्रवासी को ले जाने का आरोप लगाया गया।
आपराधिक शिकायत के मुताबिक, 22 सितंबर को पिनाल काउंटी शेरिफ ऑफिस के एक अधिकारी ने मार्टिनेज की गाड़ी रोकी। गाड़ी में उनके साथ एक नाबालिग भी सफर कर रहा था।
अभियोजकों के मुताबिक, एजेंटों ने बाद में पाया कि वह नाबालिग मेक्सिको का नागरिक था और गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहा था। मार्टिनेज के खिलाफ 23 सितंबर को आरोप दर्ज किए गए।
एक अलग मामले में अमेरिकी नागरिक पर्सी एंथनी किस्टो पर बिना वैध दस्तावेज वाले एक प्रवासी को ले जाने और पहले गंभीर अपराध में दोषी ठहराए जाने के बावजूद बंदूक रखने का आरोप लगाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, एरिजोना स्टेट रूट 85 पर एक चेकपॉइंट पर तैनात बॉर्डर पेट्रोल एजेंटों ने एक जीएमसी अकाडिया को चेकपॉइंट के पास पहुंचते ही यू-टर्न लेते देखा। एजेंटों ने गाड़ी को रोका। उसमें किस्टो के अलावा चार यात्री मौजूद थे।
अधिकारियों के मुताबिक, इनमें से तीन यात्री मेक्सिको के नागरिक थे और गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहे थे। इन तीनों में एक नाबालिग भी शामिल था। अभियोजकों ने कहा कि किस्टो के बैकपैक की तलाशी लेने पर एक बंदूक मिली।
किस्टो को बंदूक रखने की इजाजत नहीं थी, क्योंकि उन्हें 2015 में बिना वैध दस्तावेज वाले एक प्रवासी को ले जाने से जुड़े गंभीर अपराध में दोषी ठहराया गया था।
एक अन्य आरोपी की पहचान इवान रोजास-मनेरा के रूप में हुई है। उन पर पहले अमेरिका से निकाले जाने के बाद गैरकानूनी तरीके से दोबारा देश में आने का आरोप लगाया गया।
जारी बयान के मुताबिक, रोजास-मनेरा को अप्रैल 2019 में अमेरिका से निकाला गया था। इससे पहले उन्हें बिक्री के लिए खतरनाक ड्रग्स पहुंचाने की साजिश से जुड़े गंभीर अपराध में दोषी ठहराया गया था। उस मामले में उन्हें चार साल और नौ महीने जेल की सजा मिली थी।
अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस ने साफ किया कि इन मामलों में दर्ज आपराधिक शिकायतें औपचारिक आरोप हैं और इनसे अपने आप किसी व्यक्ति का दोष साबित नहीं होता।
अमेरिकी संघीय कानून में गैरकानूनी तरीके से देश में प्रवेश करना, निकाले जाने के बाद अवैध रूप से दोबारा आना और गैरकानूनी तरीके से देश में मौजूद लोगों को ले जाना या छिपाना अलग-अलग अपराध माने जाते हैं।
–आईएएनएस
एवाई/एएस
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