अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ लगातार 11वीं रात हमले किए : सेंटकॉम

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वाशिंगटन, 22 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी सेना ने मंगलवार (अमेरिकी समय) शाम 8:15 बजे ईरान पर लगातार 11वीं रात सैन्य हमले किए। इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी। सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े ठिकाने, सैन्य विमानों के हैंगर, ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सके। सेंटकॉम ने…

वाशिंगटन, 22 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी सेना ने मंगलवार (अमेरिकी समय) शाम 8:15 बजे ईरान पर लगातार 11वीं रात सैन्य हमले किए। इसकी जानकारी अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।

सेंटकॉम के मुताबिक, इन हमलों में ईरान के सैन्य ऑपरेशन सेंटर, समुद्री सैन्य क्षमताओं से जुड़े ठिकाने, सैन्य विमानों के हैंगर, ड्रोन स्टोरेज सुविधाओं और मिलिट्री लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का मकसद ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना है, जिससे वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा पैदा कर सके।

सेंटकॉम ने दावा किया कि पिछले तीन महीनों में ईरान ने इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग से गुजर रहे 30 से अधिक व्यावसायिक जहाजों पर हमले किए हैं। अमेरिका के अनुसार, इन हमलों से सैकड़ों नाविकों की जान खतरे में पड़ी और समुद्र में स्वतंत्र आवाजाही भी प्रभावित हुई।

हालांकि, अमेरिका का कहना है कि इन घटनाओं के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला हुआ है। सेंटकॉम के मुताबिक, मई की शुरुआत से अब तक उसकी सेना ने इस समुद्री मार्ग से करीब 900 व्यावसायिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन में मदद की है। इन जहाजों में लगभग 450 मिलियन बैरल कच्चा तेल ले जाया गया।

इससे पहले मंगलवार को भी सेंटकॉम ने बताया था कि उसकी सेना ने लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू किए हैं। अमेरिका का कहना है कि इन कार्रवाईयों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान से पैदा होने वाले खतरे को कम करना है।

वहीं, दूसरी ओर ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के ताजा हमलों के जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों, संसाधनों और अन्य सैन्य ढांचे पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है।

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट ‘सेपाह न्यूज’ के जरिए जारी बयान में कहा कि उसकी एयरोस्पेस फोर्स ने बहरीन और कुवैत में अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली, रडार केंद्र, संचार नेटवर्क और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा जॉर्डन में भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए।

आईआरजीसी ने कहा कि यह कार्रवाई हाल के अमेरिकी हमलों के जवाब में की गई है। उसका कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों के खिलाफ आगे और बड़े स्तर पर मिसाइल तथा ड्रोन अभियान का रास्ता तैयार करना है।

उधर, ईरानी सेना ने भी कहा कि उसने कुवैत और बहरीन में कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। इनमें कैंप अरिफजान, अहमद अल-जाबेर एयर बेस और शेख ईसा एयर बेस जैसे प्रमुख सैन्य अड्डे शामिल हैं।

–आईएएनएस

एएस/

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