वाशिंगटन, 22 जुलाई (आईएएनएस)। ईरान के साथ जारी युद्ध को लेकर अमेरिका की सीनेट में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति पर राजनीतिक टकराव देखने को मिला। डेमोक्रेट सीनेटर्स ने इस युद्ध को गैरकानूनी बताते हुए अमेरिकी सैनिकों को तुरंत वापस बुलाने की मांग की, जबकि रिपब्लिकन ने ट्रंप के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि उनका कदम ईरान को दोबारा बातचीत की मेज पर लाने और होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए उठाया गया है।
सीनेट में डेमोक्रेट्स के नेता चक शूमर ने कहा कि उनकी पार्टी इस सप्ताह फिर से मतदान कराएगी ताकि अमेरिका की इस युद्ध में भागीदारी खत्म की जा सके। उन्होंने ट्रंप प्रशासन पर अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया।
चक शूमर ने डेमोक्रेट्स की हुई नीति बैठक के बाद कहा, “ट्रंप घायल सैनिकों की सच्चाई छिपाकर इसे शांति नहीं कह सकते। कांग्रेस को इस युद्ध को खत्म करना होगा।”
उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ हफ्तों में 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन इनमें से करीब 100 सैनिकों की जानकारी पेंटागन ने सार्वजनिक नहीं की। अब तक लगभग 20 अमेरिकी सैनिक इस युद्ध में अपनी जान गंवा चुके हैं।
उन्होंने कहा, “पेंटागन को पता था कि हमारे सैनिक घायल हुए हैं, लेकिन यह जानकारी अमेरिकी जनता से छिपाई गई। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला नहीं, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप को राजनीतिक सुरक्षा देने की कोशिश है।”
डेमोक्रेट सीनेटर टिम केन ने बताया कि युद्ध में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को डोवर, डेलावेयर लाए जाएंगे। जिसके बाद इस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या 18 हो जाएगी।
टिम केन ने इस संघर्ष को ‘पसंद से शुरू किया गया युद्ध’ बताया और कहा कि कांग्रेस पहले ही इसे गैरकानूनी घोषित कर चुकी है। उन्होंने सीनेटरों से रक्षा बजट के जरिए इस युद्ध के लिए मिलने वाली फंडिंग पर रोक लगाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हम पेंटागन को अरबों डॉलर नहीं दे सकते, जबकि वह एक ऐसे युद्ध में शामिल है जिसे गैरकानूनी माना गया है।”
वहीं, रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने ट्रंप के फैसले का बचाव किया। रिपब्लिकन सीनेटर्स की बैठक के बाद उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया है और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही रोक रखी है।
जॉन थ्यून ने कहा, “राष्ट्रपति के पास कानून के तहत कार्रवाई करने का अधिकार है। ईरान ने युद्धविराम का सम्मान नहीं किया और बातचीत के लिए भी तैयार नहीं हुआ।”
उन्होंने कहा कि ट्रंप का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाकर उसे फिर से बातचीत की मेज पर लाना है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या अतिरिक्त युद्ध फंडिंग मंजूर करने से पहले प्रशासन को कांग्रेस को ज्यादा जानकारी देनी चाहिए, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास खर्च को मंजूरी देने का अधिकार है।
जॉन थ्यून ने बताया कि प्रशासन की अतिरिक्त फंडिंग की मांग केवल ईरान युद्ध तक सीमित नहीं है। इसमें इस्तेमाल हो चुके हथियारों और गोला-बारूद की भरपाई के लिए भी धन शामिल है। उन्होंने कहा कि अधिकांश रिपब्लिकन सीनेटर इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, हालांकि कुछ सीनेटर्स ने इसकी कुल राशि और खर्च की भरपाई को लेकर सवाल जरूर उठाए हैं।
–आईएएनएस
वीकेयू/एएस
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