तेहरान, 8 मई (आईएएनएस)। ईरान की मुख्य सैन्य कमान खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स ने कहा है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास दो ईरानी जहाजों पर हमला किया। साथ ही, कुछ क्षेत्रीय देशों के सहयोग से दक्षिणी ईरान के नागरिक इलाकों में हवाई हमले भी किए गए।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, मुख्यालय के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने कहा कि अमेरिकी सेना की यह ‘आक्रामक’ कार्रवाई ईरान और अमेरिका के बीच हुए युद्धविराम का उल्लंघन है।
उन्होंने बताया कि निशाना बनाए गए जहाजों में एक तेल टैंकर था, जो जस्क के पास ईरानी समुद्री सीमा से होर्मुज स्ट्रेट की ओर जा रहा था। दूसरा जहाज संयुक्त अरब अमीरात के फुजैराह के पास इस जलमार्ग में प्रवेश कर रहा था।
जोल्फागरी ने कहा कि जिन नागरिक इलाकों पर हमला हुआ उनमें होर्मोज़गान प्रांत के बंदर-ए-खमीर और सिरिक शामिल हैं।
उन्होंने दावा किया कि इसके जवाब में ईरानी सेना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए होर्मुज स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से और चाबहार बंदरगाह के दक्षिण में मौजूद अमेरिकी सैन्य जहाजों पर हमला किया, जिससे उन्हें भारी नुकसान पहुंचा।
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह की आक्रामक कार्रवाई का ईरान बिना हिचकिचाहट ‘करारा जवाब’ देगा।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) नेवी ने शुक्रवार तड़के कहा कि ईरानी बलों ने बैलिस्टिक मिसाइलों, एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों और विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए अमेरिकी डेस्ट्रॉयर जहाजों पर ‘बड़े और बेहद सटीक संयुक्त ऑपरेशन’ को अंजाम दिया।
आईआरजीसी ने दावा किया कि शुरुआती खुफिया जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी जहाजों को ‘काफी नुकसान’ हुआ, जिसके बाद तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर जहाजों को होर्मुज क्षेत्र से पीछे हटना पड़ा।
वहीं, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के ‘बिना उकसावे वाले हमलों’ को रोका और आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। यह कार्रवाई तब हुई जब अमेरिकी नौसेना के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थे।
सेंटकॉम ने यह भी कहा कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले तीन अमेरिकी डेस्ट्रॉयर जहाजों को कोई नुकसान नहीं हुआ।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान को भारी नुकसान हुआ है और अगर आगे हमला किया गया तो जवाब ज्यादा सख्त और हिंसक होगा।
इस बीच, फॉक्स न्यूज की संवाददाता जेनिफर ग्रिफिन ने एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के केशम पोर्ट और बंदर अब्बास पर हमले किए। अधिकारी ने यह भी कहा कि इसका मतलब युद्ध दोबारा शुरू होना या युद्धविराम खत्म होना नहीं है।
–आईएएनएस
एवाई/एबीएम
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