Char Dham Yatra 2026 : साल भर श्रद्धालु चार धाम यात्रा का इन्तजार करते रहते हैं. हर साल इसे लेकर तैयारियां भी खूब चलती हैं. इस साल की तीर्थयात्रा चल रही है, मगर उत्तराखंड की देव भूमि से दुखद भी खबर आई है. तीर्थयात्रा के इस सीजन में पहले 19 दिनों में 32 श्रद्धालुओं की मौत की खबर भी सामने आई है.
तीर्थयात्रा में भारी भीड़
बता दें, इन 32 मौतों में अधिकतर मौतें केदारनाथ मंदिर के रास्ते में हुई हैं, यहां 22 अप्रैल को मंदिर खुलने के बाद 17 तीर्थयात्रियों की जान चली गई है. चार धाम यात्रा 19 अप्रैल को गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ शुरू हुई थी, केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल को खुले थे.
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक हुई 32 मौतों में से, केदारनाथ में 17, बद्रीनाथ में 7, यमुनोत्री और गंगोत्री में 4-4 मौतें हुई हैं. आपको जानकारी के लिए बता दें, इस साल भारी भीड़ तीर्थयात्रा के लिए पहुंच रही है. केदारनाथ में अब तक सबसे ज़्यादा 3.44 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री आए हैं, वहीं लगभग 2 लाख भक्त बद्रीनाथ और 1 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री गंगोत्री और यमुनोत्री जा चुके हैं.
स्वास्थय समस्या बड़ी वजह
अधिकारियों के मुताबिक, मौतें हार्ट अटैक और ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों समेत कई स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हुईं. चारों तीर्थस्थल ऊंचे हिमालयी इलाके में लगभग 3,000 मीटर की ऊंचाई पर हैं.
उत्तराखंड हेल्थ डिपार्टमेंट ने पहले एक हेल्थ एडवाइज़री जारी की थी, जिसमें बुज़ुर्ग तीर्थयात्रियों और डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और ऊंचाई से जुड़ी बीमारियों से परेशान लोगों से यात्रा शुरू करने से पहले मेडिकल चेक-अप करवाने को कहा गया था.
जारी की थी हेल्थ एडवाइजरी
इसे लेकर रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई थीं. एडवाइज़री में लिखा था, “अगर आपकी उम्र 55 साल है या आपको दिल की बीमारी, अस्थमा, हाइपरटेंशन या डायबिटीज़ की हिस्ट्री है, तो यात्रा के लिए फिट रहने के लिए हेल्थ चेक-अप करवाएं.” इसमें तीर्थयात्रियों से पल्स ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर जैसे बेसिक हेल्थ चेक इक्विपमेंट पैक करने के लिए भी कहा गया है.
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