वाशिंगटन, 19 मई (आईएएनएस)। रिपब्लिकन सांसद लांस गुडेन ने जो बाइडन प्रशासन पर अदाणी ग्रुप पर राजनीति से प्रेरित मामला चलाने का आरोप लगाया। साथ ही, अदाणी एंटरप्राइजेज और यूएस ट्रेजरी के बीच 275 मिलियन डॉलर के समझौते का स्वागत किया और इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए अमेरिकी सांसद ने कहा कि हम इस परिणाम से बहुत खुश हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि गौतम अदाणी को इस सब से गुजरना पड़ा।
अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ द ट्रेजरी के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) ने सोमवार को ऐलान किया कि अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने ईरान से संबंधित प्रतिबंधों के 32 कथित उल्लंघनों को लेकर संभावित नागरिक दायित्व को निपटाने के लिए 275 मिलियन डॉलर का भुगतान करने पर सहमति जताई है।
गुडन ने इससे पहले भी बाइडन प्रशासन में न्याय विभाग और अटॉर्नी जनरल पामेला बोंडी दोनों को पत्र लिखकर अदाणी समूह के अभियोजन पर सवाल उठाए थे।
गुडन ने कहा कि उन्होंने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष बार-बार चिंताएं उठाई थीं।
उन्होंने कहा, “हमने बाइडन न्याय विभाग से संपर्क किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।”
उन्होंने आगे कहा, “यह उन शुरुआती मुद्दों में से एक था जो मैंने ट्रंप प्रशासन के दौरान न्याय विभाग के समक्ष उठाए थे, और मुझे पता है कि वे इस पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं और सही काम करने को प्राथमिकता दे रहे हैं।”
टेक्सास के सांसद ने इस मुद्दे को सबसे पहले उनके ध्यान में लाने के लिए भारतीय-अमेरिकी कारोबारी अरुण अग्रवाल को भी श्रेय दिया।
गुडन ने आईएएनएस को बताया कि मुझे इस मामले के बारे में पहली बार जानकारी टेक्सास इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन अरुण अग्रवाल की ओर से दी गई।
उन्होंने कहा कि भारत में एक व्यक्ति है जो हमारे डेमोक्रेट न्याय विभाग द्वारा राजनीतिक अभियोजन का शिकार है।
गुडन ने आईएएनएस को बताया कि उनका मानना है कि इस मामले से अमेरिका में भारतीय निवेश हतोत्साहित होने का खतरा है।
उन्होंने कहा,“मैंने शुरू से ही यह माना था कि अदाणी को अमेरिका में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी कंपनी और उनके परिवार द्वारा भारत भर में किए जा रहे अच्छे कार्यों को जारी रखना ही सही था।”
गुडन ने पहले भी अदाणी पर अभियोग के पीछे राजनीतिक मकसद होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मेरा मानना है कि न्याय विभाग में जिन लोगों ने इसके लिए दबाव डाला, उनके सोरोस से संबंध थे।”
उन्होंने तर्क दिया कि ये आरोप “राष्ट्रपति ट्रंप के चुने जाने के ठीक बाद लगाए गए थे, मानो किसी देश में निवेश को हतोत्साहित करने के लिए, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप अपने चुनावी वादों में से एक, यानी अमेरिका को फिर से महान बनाने के वादे को पूरा न कर सकें।”
अमेरिका में अदाणी समूह के भविष्य के निवेशों के बारे में पूछे जाने पर, गुडन ने कहा कि टेक्सास को इससे काफी लाभ हो सकता है।
उन्होंने कहा, “हां, मुझे विश्वास है कि वे टेक्सास में निवेश करेंगे और उम्मीद है कि अन्य राज्यों में भी करेंगे।” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि अमेरिका, हमारा कार्यबल, हमारा ऊर्जा उद्योग और अन्य कई उद्योग जिनमें अदाणी समूह शामिल है, सभी को इससे लाभ होगा।”
संसद सदस्य ने भारत-अमेरिका संबंधों का भी जोरदार समर्थन किया और भारत को “एशिया-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के कुछ विश्वसनीय साझेदारों में से एक” बताया।
उन्होंने कहा, “मुझे भारत से प्यार है। मैं कई बार भारत जा चुका हूं।” उन्होंने आईएएनएस को बताया, “मुझे लगता है कि अमेरिका और भारत के बीच उतना ही मजबूत संबंध होना चाहिए जितना दुनिया के किसी भी अन्य देश के बीच होता है।”
–आईएएनएस
एबीएस/
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