अमेरिका चीन के साथ एआई साइंस की दौड़ में आगे बढ़ रहा

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वॉशिंगटन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह अमेरिका के वैज्ञानिक रिसर्च सिस्टम में बड़े बदलाव का बचाव किया। प्रशासन का तर्क है कि आने वाले दशकों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन से आगे रहने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग अहम होंगे। इस रणनीति का भारत जैसे अहम सहयोगियों पर भी असर पड़ेगा। साइंस, स्पेस और टेक्नोलॉजी पर बनी हाउस कमेटी के सामने पेश होते हुए व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (ओएसटीपी) के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस ने “साइंस का नया सुनहरा दौर” की रूपरेखा पेश की। वहीं, फंडिंग, रिसर्च…

वॉशिंगटन, 25 जुलाई (आईएएनएस)। ट्रंप प्रशासन ने इस सप्ताह अमेरिका के वैज्ञानिक रिसर्च सिस्टम में बड़े बदलाव का बचाव किया। प्रशासन का तर्क है कि आने वाले दशकों में टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में चीन से आगे रहने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग अहम होंगे। इस रणनीति का भारत जैसे अहम सहयोगियों पर भी असर पड़ेगा।

साइंस, स्पेस और टेक्नोलॉजी पर बनी हाउस कमेटी के सामने पेश होते हुए व्हाइट हाउस के ऑफिस ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (ओएसटीपी) के डायरेक्टर माइकल क्रैट्सियोस ने “साइंस का नया सुनहरा दौर” की रूपरेखा पेश की। वहीं, फंडिंग, रिसर्च की प्राथमिकताओं और अमेरिकी साइंस की भविष्य की दिशा को लेकर कानून बनाने वाले नेता पार्टी के आधार पर बंटे हुए दिखे।

क्रैट्सियोस ने कानून बनाने वालों से कहा, “तेजी से बदलती दुनिया में हमारी आर्थिक लीडरशिप और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में हमारे दबदबे को हल्के में नहीं लिया जा सकता। अमेरिका अब अकेला औद्योगिक और वैज्ञानिक सुपरपावर नहीं रहा। अमेरिकी साइंस के सुनहरे दौर की शुरुआत करने के लिए नए फोकस और सुधारों की जरूरत है।”

क्रैटसियोस ने कहा कि उनके ऑफिस की एक रिपोर्ट में फेडरल रिसर्च को अधिक लचीला बनाने, अलग-अलग वैज्ञानिकों की मदद करने, वैज्ञानिक खोज और मैन्युफैक्चरिंग के बीच संबंध मजबूत करने और भविष्य की रिसर्च में एआई को केंद्र में रखने के लिए सुधारों का प्रस्ताव दिया गया है।

इसका एक मुख्य हिस्सा प्रशासन का “जेनेसिस मिशन” है, जिसे क्रैटसियोस ने “विज्ञान के लिए अमेरिकी एआई का सबसे अहम हिस्सा” बताया। उन्होंने कहा कि 15 से अधिक फेडरल एजेंसियों ने एआई-आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए 5 अरब डॉलर से ज्यादा की राशि देने का वादा किया है। इन एजेंसियों में ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग, नासा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्टैंडर्ड्स एंड टेक्नोलॉजी और अन्य शामिल हैं।

रिपब्लिकन सांसदों ने बार-बार इस पहल को चीन के मुकाबले अमेरिका की तकनीकी बढ़त बनाए रखने के लिए जरूरी बताया।

समिति के चेयरमैन ब्रायन बैबिन ने चेतावनी दी कि “चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को राष्ट्रीय प्राथमिकता बना लिया है और उसी के अनुसार खर्च कर रही है।” उन्होंने यह भी कहा कि बीजिंग अत्याधुनिक रिसर्च हासिल करने के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालयों और प्रयोगशालाओं को लगातार निशाना बना रहा है।

क्रैटसियोस ने कहा कि वॉशिंगटन को “इस बात पर अपनी स्पष्ट राय बनानी चाहिए कि अमेरिका के लिए सबसे जरूरी प्राथमिकताएं क्या हैं”। उन्होंने एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग, फ्यूजन एनर्जी और स्पेस टेक्नोलॉजी को ऐसे रणनीतिक सेक्टर बताया जिनमें अमेरिका को अपनी लीडरशिप बनाए रखनी चाहिए। हालांकि, डेमोक्रेट्स ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह उसी साइंटिफिक इकोसिस्टम को कमजोर कर रहा है जिसे वह मजबूत करने का दावा करता है।

रैंकिंग मेंबर जो लोफ़ग्रेन ने तर्क दिया कि ग्रेजुएट एडमिशन में कमी, रिसर्च फंडिंग को लेकर अनिश्चितता और ग्रांट पॉलिसी में प्रस्तावित बदलाव अमेरिकी रिसर्च बेस को कमजोर कर रहे हैं, जबकि चीन साइंस में निवेश बढ़ा रहा है और अमेरिका से रिसर्चर्स को भर्ती कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन के कदम “चीन को मजबूत कर रहे हैं और साथ ही अमेरिकी रिसर्च सिस्टम को बर्बाद कर रहे हैं।”

कई डेमोक्रेटिक सदस्यों ने नेशनल साइंस फ़ाउंडेशन (एनएसएफ) की फंडिंग में प्रस्तावित कटौती, रिसर्च ग्रांट में राजनीतिक दखल और वैज्ञानिक सलाहकार निकायों को हटाने पर सवाल उठाए। क्रैटसियोस ने इस बात से इनकार किया कि व्हाइट हाउस एनएसएफ के अलग-अलग ग्रांट फैसलों में शामिल था। उन्होंने प्रशासन के “गोल्ड स्टैंडर्ड साइंस” पर जोर देने का बचाव करते हुए कहा कि फेडरल फंडिंग वाली रिसर्च “दोबारा की जा सकने वाली पारदर्शी” और भरोसेमंद होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान बार-बार चीन का जिक्र हुआ। रिपब्लिकन लॉमेकर्स ने एडवांस्ड रिसर्च हासिल करने की चीन की कोशिशों, बायोटेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर में चीनी सप्लाई चेन पर निर्भरता और ओपन-सोर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में कॉम्पिटिशन को लेकर चिंता जताई। क्रैटसियोस ने कहा कि प्रशासन यह पक्का करने के लिए प्रतिबद्ध है कि “एआई में अमेरिकी लीडरशिप का भविष्य, मॉडल के एक ऐसे सेट पर निर्भर हो जो वाइब्रेंट, ओपन और क्लोज्ड सोर्स हों”। साथ ही घरेलू सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ावा दिया जाए।

–आईएएनएस

ओपी/एएस

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