वाशिंगटन, 24 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिका की सेना ने गुरुवार शाम (स्थानीय समय) को ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमलों का एक और दौर शुरू किया। अमेरिकी सेना ने लगातार 13वीं रात को ईरान के ऊपर हमला जारी रखा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमले ईस्टर्न टाइम के हिसाब से शाम 6:45 बजे शुरू हुए और उनका मकसद “ईरान को जिम्मेदार ठहराना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से कमर्शियल शिपिंग को होने वाले खतरों को कम करना” था।
कमांड ने एक्स पर एक और पोस्ट में कहा कि इस महीने की शुरुआत में ईरान के खिलाफ नेवल ब्लॉकेड फिर से शुरू करने के बाद से अमेरिकी सेना ने 12 कमर्शियल जहाजों को दूसरी तरफ मोड़ दिया है और एक को ईरानी पोर्ट या तटीय इलाकों में आने या जाने से रोक दिया है।
कमांड ने कहा, “नौ दिन पहले ईरान के खिलाफ नौसेना की नाकेबंदी फिर से शुरू करने के बाद से, सेंटकॉम ने 12 कमर्शियल जहाजों को दूसरी तरफ मोड़ दिया और एक को रोक कर दिया है ताकि जहाज ईरानी पोर्ट या तटीय इलाकों में आवागमन न सकें।”
इससे पहले गुरुवार को, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने तीन तेल टैंकरों को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने से रोक दिया था, जिनमें से एक में धमाके के बाद आग लग गई थी।
ईरानी सरकारी मीडिया के हवाले से आईआरजीसी ने एक बयान में कहा, “बच्चों को मारने वाली अमेरिकी सेना के उकसाने और लालच में आकर, तीन तेल टैंकर होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिण में माइन बिछाए गए रास्ते से गुज़रने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनमें से एक में धमाका होने और आग लगने के बाद, बाकी दो तेज़ी से मुड़ गए और वापस लौट गए।”
इसने आगे चेतावनी दी कि कोई भी जहाज अमेरिका से धोखा खाकर ईरान की मंजूरी के बिना गुजरने की कोशिश करता है, उसका भी यही हश्र होगा।
बुधवार (वॉशिंगटन टाइम) को, अमेरिकी सेना ने लगातार 12वीं रात पूरे ईरान में हमले किए।
ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिकी मिसाइलों ने पश्चिमी ईरान के अहवाज, रामशीर और अंदिमेशक शहरों के पास की जगहों पर, दक्षिणी ईरान में बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक पावर स्टेशन पर हमला किया और इराकी बॉर्डर पर शालमचेह शहर में दो लोगों को निशाना बनाया।
इससे पहले गुरुवार को, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी ऑनलाइन मीडिया एक्सियोस को बताया कि वह ईरान में बड़े कॉम्बैट ऑपरेशन फिर से शुरू करने पर विचार कर रहे हैं, जिसमें 28 फरवरी को शुरू किए गए ऑपरेशन एपिक फ्यूरी से भी बड़े हमले शामिल होंगे।
–आईएएनएस
केके/
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