आईआरजीसी का दावा ‘होर्मुज पर हमारा नियंत्रण, हालात पहले जैसे’

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तेहरान, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी के बीच आईआरजीसी ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे तनाव फिर बढ़ सकता है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर सख्त नियंत्रण लागू करने का ऐलान करते हुए जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला लिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों को ब्लॉकेड मुक्त नहीं करता, तब तक यह पाबंदी कायम रहेगी। आईआरजीसी ने ये भी कहा है कि उसने अमेरिका-इजरायल और यूके से जुड़े खुफिया नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। आईआरजीसी के संयुक्त सैन्य कमान ने एक…

तेहरान, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकेबंदी के बीच आईआरजीसी ने एक ऐसा बयान दिया है जिससे तनाव फिर बढ़ सकता है। ईरान ने इस अहम समुद्री मार्ग पर सख्त नियंत्रण लागू करने का ऐलान करते हुए जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला लिया है। ईरान का कहना है कि जब तक अमेरिका उसके बंदरगाहों को ब्लॉकेड मुक्त नहीं करता, तब तक यह पाबंदी कायम रहेगी।

आईआरजीसी ने ये भी कहा है कि उसने अमेरिका-इजरायल और यूके से जुड़े खुफिया नेटवर्क को भी पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।

आईआरजीसी के संयुक्त सैन्य कमान ने एक बयान जारी कर दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल अब “पहले जैसी हालत” में लौट आया है।

ईरान के आईआरआईबी ब्रॉडकास्टर के हवाले से दिए गए एक बयान में, आईआरजीसी कमांड ने यूएस पर आरोप लगाया कि यह सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण जलमार्ग अब आर्म्ड फोर्सेज के सख्त प्रबंधन और नियंत्रण में है।

इससे पहले ईरान ने संकेत दिए थे कि वह इस मार्ग को खोल सकता है, लेकिन अमेरिका के रवैए को देखते हुए उसने अपना फैसला बदल दिया।

आईआरजीसी कमांड का कहना है कि, “जब तक यूनाइटेड स्टेट्स ईरान से अपनी मंजिल तक जाने और वापस आने वाले जहाजों के लिए आवागमन की पूरी आजादी बहाल नहीं कर देता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट पर सख्त नियंत्रण जारी रहेगा।”

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर को लेकर दिए हालिया बयान में स्पष्ट कहा कि ईरान के साथ समझौता होने तक—जिसमें उसका परमाणु कार्यक्रम भी शामिल है—ब्लॉकेड जारी रहेगा। इसके बाद ही ईरान ने कड़ा रुख अपनाते हुए ट्रांजिट पर रोक लगाने का निर्णय सुनाया है।

इसके साथ ही दावा एक और किया गया है। कहा कि उसने अमेरिका, इजरायल और ब्रिटेन से जुड़े कई कथित नेटवर्क की पहचान कर सारे तार तोड़ दिए हैं। यह जानकारी ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के खुफिया विंग के हवाले से सामने आई।

रिपोर्ट में कहा गया कि, ये नेटवर्क जासूसी गतिविधियों में शामिल थे और देश के भीतर अस्थिरता फैलाने की कोशिश कर रहे थे।

आईआरजीसी के अनुसार, ये कथित “सेल” ईस्ट अजरबैजान, केर्मन, और माजंदरान प्रांतों में सक्रिय थे, जहां सुरक्षा एजेंसियों ने कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्क्रिय कर दिया।

–आईएएनएस

केआर/

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