यरूशलम : यरूशलम के पवित्र स्थल के पास ईद-उल-अजहा की नमाज के दौरान मुस्लिम नमाजियों और इजराइल की पुलिस के बीच रविवार को संघर्ष हो गया। फलस्तीन के चिकित्साकर्मियों ने बताया कि झड़प में कम से कम 14 लोग जख्मी हो गए जिनमें से एक की हालत गंभीर है। मुस्लिम इसे अल-अक्सा मस्जिद परिसर बताते हैं और यहूदी इसे टेंपल माउंट कहते हैं।
पुलिस ने बताया कि कम से कम चार अधिकारी घायल हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। विवादित धर्म स्थल पर पिछले कुछ महीनों में पुलिस और नमाजियों के बीच हुए इसे भीषण संघर्ष के दौरान आंसू गैस के गोले छोड़े गए और ग्रेनेड की आवाज से यह स्थल दहल गया।
यह झड़प इजराइल और फलस्तीन में तनाव बढ़ने के बीच हुई है। कुछ दिन पहले दक्षिण यरूशलम में एक इजराइली सैनिक के मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया था। इजराइली सैनिकों ने गाजा सीमा बाड़ पार करने का प्रयास कर रहे चार फलस्तीनी आतंकवादियों को शनिवार को मार गिराया था।
पुलिस ने कहा कि हजारों मुस्लिम रविवार की सुबह नमाज के लिए यरूशलम पहुंचे। प्राचीन समय में इस स्थान पर मौजूद दो बाइबलिकल मंदिर तोड़े जाने के कारण यहूदी भी रविवार को शोक मना रहे हैं। यह यहूदियों के लिए सबसे पवित्र स्थल है और मुस्लिमों के लिए तीसरा सबसे बड़ा पवित्र स्थान है। यह लंबे समय से इजराइल- फलस्तीन संघर्ष का केंद्र बिंदु रहा है।
पवित्र स्थल के संरक्षक देश जोर्डन ने एक बयान में कहा कि उसने इजराइल को एक औपचारिक शिकायत भेजी है और इजराइल के “गैर जिम्मेदाराना उकसावे” की निंदा की। जोर्डन विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सुफियान अल कुदाह ने कहा कि अम्मान ने हिंसा के लिए पूरी तरह इजराइल को जिम्मेदार ठहराया है।
रविवार तड़के बड़ी संख्या में फलस्तीनी परिसर के द्वार पर जमा हुए जब अफवाह फैल गई कि पुलिस यहूदी आगंतुकों को स्थल पर प्रवेश की इजाजत देगी। प्रदर्शनकारियों ने “अल्लाहु अकबर” का उद्घोष किया और पुलिस पर पत्थर फेंके। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने परिसर में प्रवेश किया और स्टन ग्रेनेड एवं रबर कोटिंग वाली गोलियां दागी।
इजराइली पुलिस ने शुरुआत में यहूदी आगंतुकों का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया था लेकिन संघर्ष होने के बाद उनका फैसला पलट दिया और उन्हें प्रवेश की अनुमति दे दी।


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