इजरायल को हम अपने देश में मिलिट्री बेस बनाने की इजाजत नहीं देंगे : सोमालीलैंड

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तेल अवीव, 17 जून (आईएएनएस)। सोमालीलैंड ने इजरायली सेना को अपने यहां बेस बनाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इस पूर्वी अफ्रीकी देश के रक्षा मंत्री मोहम्मद यूसेफ अली ने स्पष्ट शब्दों में ऐसी किसी भी खबर को ‘अफवाह’ करार दिया। बुधवार को रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली मिलिट्री या पुलिस को अपने यहां तैनात करवाने की उनके देश की कोई मंशा नहीं है। अली इजरायली राजधानी तेल अवीव में एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे। वहीं, जब इस मसले पर सोमालीलैंड में इजरायल के दूत माइकल लोटेम से सवाल किया गया…

तेल अवीव, 17 जून (आईएएनएस)। सोमालीलैंड ने इजरायली सेना को अपने यहां बेस बनाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया है। इस पूर्वी अफ्रीकी देश के रक्षा मंत्री मोहम्मद यूसेफ अली ने स्पष्ट शब्दों में ऐसी किसी भी खबर को ‘अफवाह’ करार दिया।

बुधवार को रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि इजरायली मिलिट्री या पुलिस को अपने यहां तैनात करवाने की उनके देश की कोई मंशा नहीं है। अली इजरायली राजधानी तेल अवीव में एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए थे।

वहीं, जब इस मसले पर सोमालीलैंड में इजरायल के दूत माइकल लोटेम से सवाल किया गया तो उन्होंने जवाब देने से साफतौर पर इनकार कर दिया।

रणनीतिक रूप से ‘हॉर्न ऑफ अफ्रीका’ क्षेत्र में स्थित सोमालीलैंड 1991 से वास्तविक रूप में स्वायत्त है और वहां अपेक्षाकृत शांति और स्थिरता बनी हुई है। यह तब अलग हुआ था जब सोमालिया गृहयुद्ध में फंस गया था।

इजरायल ने पिछले साल दिसंबर में सोमालीलैंड को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता दी थी। यह ऐसा करने वाला पहला देश था। सोमालिया ने इसे अपनी संप्रभुता पर “जानबूझकर किया गया हमला” करार दिया था।

फरवरी में सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दीरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही ने रॉयटर्स को बताया था कि सोमालीलैंड इजरायल के साथ भविष्य में सैन्य सहयोग की उम्मीद रखता है, लेकिन इजरायली सैन्य बेस स्थापित करने पर कोई बातचीत नहीं हुई है।

वहीं, रविवार को “सोमाली गार्जियन” ने रिपोर्ट किया कि इजरायल ने सोमालीलैंड में एक खुफिया (इंटेलिजेंस) बेस स्थापित कर लिया है और वहां सैन्य बेस बनाने की संभावना पर भी चर्चा चल रही है।

दिसंबर में इजरायल और सोमालीलैंड के बीच आधिकारिक राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे, जिसके बाद दोनों देशों ने तेजी से सहयोग बढ़ाना शुरू किया। सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही और उनकी पत्नी फर्दौसा मोहम्मद रोबले एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आगे की बातचीत के लिए हाल ही में इजरायल पहुंचे।

इससे पहले, सोमालीलैंड ने अपना नया राजदूत इजरायल में नियुक्त किया और घोषणा की कि उसका दूतावास यरुशलम में होगा।

हालांकि, इन संबंधों को लेकर विरोध भी हुआ है। कुछ इस्लामिक देशों ने इस साझेदारी की आलोचना की और कहा कि पूर्वी यरुशलम पर इजरायल का कब्जा है, इसलिए वहां दूतावास खोलना गलत है।

–आईएएनएस

केआर/

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