Marco Rubio Visits Saint Teresa Mother House: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा शुरू हो गई है और वह 4 दिन तक अलग अलग शहरों का दौरा करेंगे। इस दौरान मार्को रुबियो ने अपनी यात्रा की शुरुआत कोलकाता से की और आते ही उन्होंने ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ का भी दौरा किया। इस संस्था का दौरा करने के बाद ही FCRA का विवाद चर्चा में आ गया है, जिसे लेकर 2021 में विदेशी चंदा को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। जानते है इस बिल की जानकारी और मार्को रूबियो के विदेश दौरे के बारे में…
What is FCRA Bill: विदेशी फंड हासिल करने की अनुमति

FCRA जिसे विदेशी चंदा विनियमन अधिनियम कानून के नाम से जाना जाता है। इसके तहत भारत में एनजीओ और चैरिटी संस्थानों को विदेशी फंड हासिल करने की अनुमति मिलती है। लेकिन साल 2021 के अंत में भारत सरकार ने ‘प्रतिकूल इनपुट्स’ का बयान देते हुए कहा FCRA लाइसेंस के Renew करने पर रोक दिया था। लेकिन बाद में जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद इसे फिर से बहाल कर दिया था।
FCRA Bill 2026: FCRA में संशोधन करने का विचार

मार्को रूबियो के भारत के बाद FCRA बिल चर्चा में आ गया है बता दें कि अब संसद में जुलाई-अगस्त 2026 में मॉनसून सत्र के दौरान FCRA में संशोधन करने का विचार करेगी और संशोधन करके एक प्राधिकरण बनाया जाएगा जिससे विदेश से फंडिग मिलने वाली संस्था का अगर लाइसेंस रद्द हो जाता है, Renew नहीं होता है, सरेंडर किया जाता तो प्राधिकरण के तहत संस्था की संपत्तियों और बैंक खातों को अपने हाथ में ले लिया जाएगा।
Marco Rubio India Visit
मार्को रूबियो चार-दिवसीय भारत दौरे पर है। बता दें कि पिछले साल पदभार संभालने के बाद मार्को रूबियो की यह पहली भारत यात्रा है। अमेरिकी विदेश मंत्री इस दौरे के दौरान आगरा और जयपुर सहित भारत के कई शहरों की यात्रा करेंगे और PM मोदी से मुलाकात के बाद वह टॉप अमेरिकी राजनयिक भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ चर्चा में शामिल होंगे। 26 मई को नई दिल्ली में होने वाली क्वाड बैठक में शामिल होंगे।


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