अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के राष्ट्रपति के साथ उनकी बैठक की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता लेकिन अभी तक बैठक का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। इस बात की अटकलें तेज हैं कि न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र से इतर दोनों कट्टर विरोधी नेताओं की मुलाकात हो सकती है जिसकी मध्यस्थता की कोशिश फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों कर रहे हैं।
हाल में सऊदी अरब के तेल प्रतिष्ठानों पर हुए हमलों के बाद अमेरिका और ईरान के संबंधों में तनाव चरम पर पहुंच गया है। दरअसल, अमेरिका का कहना है कि यह हमले ईरान ने किए हैं जबकि ईरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ट्रंप ने कहा, “मैं कभी संभावनाओं से इनकार नहीं करता लेकिन इस वक्त कुछ भी तय नहीं है।”
ईरान ने सऊदी तेल संयंत्रों पर हमले के संबंध में ब्रिटिश प्रधानमंत्री का दावा किया खारिज
मैक्रों को उम्मीद है कि कोई हल निकल आएगा और दोनों बातचीत के लिए साथ होंगे। मैक्रों ने सोमवार को इस पर ट्रंप से औपचारकि रूप से बात की और इसके बाद रूहानी के साथ 90 मिनट तक बातचीत की। फ्रांस के राष्ट्रपति कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार मैक्रों ने रूहानी को बताया, “तनाव को कम करने का रास्ता बेहद संकीर्ण हैं लेकिन अब यह बहुत जरूरी हो गया है और ईरान को इसे करना है।”
मैक्रों की अमेरिकी राष्ट्रपति से मंगलवार को दोबारा मुलाकात करने की योजना है। उन्होंने सोमवार को कहा था, “बातचीत का माहौल बने इसके लिए मैं जो भी कर सकता हूं, करूंगा।” हालांकि ट्रंप ने उनके प्रयासों का यह कह कर जवाब दिया कि “हमें मध्यस्थ की जरूरत नहीं है। ईरानियों को पता है कि किससे बात करनी है।”


Download Android App
Download iOS App



