अमेरिका में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राजदूत ने बुधवार को कहा कि पिछले सप्ताह अबूधाबी को निशाना बनाकर किए गए घातक हमले में यमन के हूती विद्रोहियों ने ड्रोन के साथ मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया।सोमवार को अबू धाबी हवाई अड्डे के पास हुए इस हमले में दो भारतीयों और एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हो गई थी तथा छह अन्य घायल हुए थे।
राजदूत ने की पुष्टि
राजदूत यूसुफ अल-ओतैबा के इस बयान से इस बात की आधिकारिक पुष्टि होती है कि हमले में ड्रोन के अलावा मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया गया था, जिसकी जिम्मेदारी ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ली है।
क्रूज व बैलिस्टिक मिसाइल का किया गया प्रयोग
राजदूत ने कहा, ”संयुक्त अरब अमीरात में असैन्य स्थलों को निशाना बनाकर किए गए हमले में क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। इनमें से कई को मार गिराया गया।”हालांकि, राजदूत ने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी कि कितनी मिसाइल यूएई की तरफ दागी गईं और कितनी मार गिराई गईं?
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में सोमवार को इंटरनैशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाकर हमला किया गया था । इस कारण ही एयरपोर्ट पर आग लग गई और तीन ईंधन टैकरों में विस्फोट हो गया। इसमें दो भारतीय नागरिकों समेत तीन लोगों की मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए। अबू धाबी पुलिस का कहना है कि हमला ड्रोन से किया गया। यमन के हूती विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह आतंकवादी संगठन ईरान से कंट्रोल होता हैं। जिसे ईरान सरकार का पूरा समर्थन हासिल है।


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