पाकिस्तान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ‘धार्मिक आतिवादी आंदोलन करार देते हुए कहा है कि नरेंद्र मोदी सरकार दोनों देशों के संबंधों में बाधक बन रही हैं और बदलते वैश्विक परिद्वश्य में पाकिस्तान सरकार भी अपनी विदेशी नीति में बदलाव कर रही है।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस्तांनबुल के टेलीविजन चैनल टीआरटी वर्ल्ड के एक कार्यक्रम में शिरकत करते हुए कहा है कि पाकिस्तान ने कईं बार भारत के साथ अपने संबंधों को सार्थक बनाने की कोशिश की है लेकिन भारत की तरफ से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है।
उन्होंने कहा ‘ हम भारत के साथ अच्छे संबंध बनाने के इच्छुक हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि इन संबंधों में सुधार होने की कोई गंजायश है। यह पूछे जाने पर कि क्या भारत को लेकर पाकिस्तान आ सकते है तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ भी नही है और भारत हमारी सुरक्षा के लिए एक खतरा है जिसे लेकर हमें सतर्क रहना होगा और यही हमारी विदेश नीति का आधार है।
‘ उन्होंने कहा कि विश्व में जिस तरह का बदलाव हो रहा है उसे देखते हुए पाकिस्तान भी अपनी विदेश नीति में बदलाव कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान के अलग-अलग पड़ने या हाशिए पर आ जाने संबंधी सवालों पर प्रतिक्रिया करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान ने रूस के साथ अपने संबंधों को बेहतर बनाया है।
और चीन के साथ संबंधों को नया आयाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि जहां तक अफगानिस्तान में स्थिरता और शांति का सवाल है तो इसमें पाकिस्तान की वास्तविक हिस्सेदारी है और वहां शांति स्थापित किए जाने संबंधी किसी भी द्विपक्षीय अथवा बहुस्तरीय मंच पर पाकिस्तान हिस्सेदार बनना चाहता है।
लेकिन अगर अफगानिस्तान के लोग भारत के प्रतिनिधि बन कर रहना चाहते हैं तो यह भी स्वीकार्य नहीं है। चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि इस विशाल परियोजना के लाभ मिलने अब शुरू हुए हैं।
अधिक लेटेस्ट खबरों के लिए यहां क्लिक करें।


Download Android App
Download iOS App



