सोल : दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति मून जे-इन ने उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम के कारण उत्पन्न तनाव की स्थिति को कम करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। श्री जे-इन ने उत्तर कोरिया के परमाणु एवं मिसाइल कार्यक्रम को नियंत्रित करने के लिए बातचीत एवं आर्थिक प्रतिबंध लगाने संबंधी विकल्प खुले रखने की वकालत की है। श्री जे-इन ने दक्षिण कोरिया में अमेरिका की मिसाइल निरोधक प्रणाली की तैनाती को लेकर चीन के गुस्से को कम करने की दिशा में भी कार्य करना शुरू कर दिया है।
दक्षिण कोरिया में हुए एक अहम राजनीतिक बदलाव के तहत बुधवार को वाम रुझान वाले पूर्व मानवाधिकार कार्यकर्ता मून जे-इन ने देश के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। पद संभालने के बाद श्री जे-इन ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में अपने पहले भाषण में वह कोरियाई प्रायद्वीप पर युद्ध की आशंका जताने वाले विषयों पर बोलेंगे।
राष्ट्रपति मून जे-इन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ टेलीफोन पर बात करने के कुछ घंटे बाद ही चीन एवं जापान के नेताओं से भी बात की। श्री जे-इन ने सबसे पहले चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से और फिर बाद में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे से फोन पर बात की।श्री जे-इन के कार्यालय ने कहा कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से करीब 40 मिनट की बातचीत के दौरान दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि उत्तर कोरिया को परमाणु हथियारों से मुक्त करना दोनों देशों का ‘समान लक्ष्य’ है।
(रायटर)


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