पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पनामा पेपर घोटाले में उनके खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार के मुकदमे का सामना करने के लिए आज भ्रष्टाचार रोधी एक अदालत के समक्ष पेश हुए। शरीफ अपनी बेटी मरियम के साथ अदालत पहुंचे। संकट में फंसे शरीफ परिवार और सउदी अरब के बीच एक समझौता होने की खबरों के बीच शरीफ 30 दिसंबर को सउदी अरब गए थे लेकिन वह कल वापस लौट आए।
पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय द्वारा 28 जुलाई को सुनाये गए फैसले के बाद आठ सितंबर को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के तीन मामले दर्ज किए गए थे। इसी फैसले में शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोज्ञ भी ठहराया गया था और राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) को उनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले दर्ज करने का आदेश दिया था।
ब्यूरो ने आज अदालत में दो गवाह पेश किए जिनके बयान रिकॉर्ड किए गए और बचाव पक्ष के वकील ने उनसे जिरह की। यह तीन मामले अल-अजीजिया स्टील मिल्स, फ्लैगशिप इंवेस्टमेंट लिमिटेड समेत कई कंपनियों और लंदन के एवेनफील्ड में खरीदी गई संपत्तियों से जुड़े हैं। शरीफ और उनका परिवार विदेश में अघोषित संपत्ति रखने के आरोपों का सामना कर रहा है। मामले की पिछली सुनवाई 19 दिसंबर को हुई थी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अबतक 10 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। यह 11वीं बार है जब शरीफ सुनवाई में शामिल हुए हैं। देश के सबसे ताकतवर राजनीतिक परिवार और सथारूढ़ पीएमएल-एन पार्टी का नेतृत्व करने वाले शरीफ का राजनीतिक भविष्य तब से दांव पर लगा हुआ है। अगर वह दोषी साबित होते हैं तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। शरीफ परिवार का आरोप है कि यह मामले राजनीति से प्रेरित हैं।
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