तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने मंगलवार को एक रिपोर्ट में कहा कि इस्लामिक स्टेट के किसी भी आतंकी को उत्तरी सीरिया से भागने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह टिप्पणी क्षेत्र में अपने आक्रामक अभियान को लेकर पश्चिमी देशों की आशंका को लेकर व्यक्त की। एर्दोआन ने वाल स्ट्रीट जर्नल में लिखा, ‘‘हम सुनिश्चित करेंगे कि आईएसआईएस (इस्लामिक स्टेट) का कोई भी लड़ाका उत्तर-पूर्वी सीरिया से भाग नहीं पाए।’’
उन्होंने सीरिया में कुर्दों के खिलाफ तुर्की के अभियान के चलते बड़े पैमाने पर आतंकियों के भागने की पश्चिमी देशों की आशंका को पाखंड करार दिया। एर्दोआन ने कहा, ‘‘जो देश आज आईएसआईएस से लड़ने के मुद्दे पर तुर्की को भाषण देते हैं, वही देश 2014 और 2015 में विदेशी आतंकवादियों की बाढ़ को रोकने में विफल रहे।’’
अमेरिका ने तुर्की पर सोमवार को प्रतिबंध लगा दिए और उससे सैन्य अभियान बंद करने को कहा। इसने तुर्की पर आरोप लगाया कि उसका नाटो सहयोगी चरमपंथियों की रिहाई सुनिश्चित कर आम लोगों की जिन्दगी को खतरे में डाल रहा है। कुर्द अधिकारियों ने दावा किया है कि तुर्की के हमले ने उनके लिए अपने हिरासत केंद्रों की सुरक्षा को मुश्किल बना दिया है।
उन्होंने कहा कि रविवार को आईएस आतंकियों के परिवारों के 800 सदस्य आइन इस्सा शिविर से भाग गए। वहीं, शुक्रवार को पांच आतंकी एक अन्य जेल से भाग गए। वहीं, तुर्की ने कहा है कि कुर्द बलों ने क्षेत्र में अफरातफरी उत्पन्न करने के लिए जानबूझकर कैदियों को छोड़ा है। आईएस आतंकियों के कुछ पारिवारिक सदस्यों ने भी इसी तरह का दावा किया।
तुर्की ने कहा है कि वह क्षेत्र में सभी हिरासत केंद्रों का नियंत्रण अपने हाथ में लेगा। एर्दोआन ने एक रिपोर्ट लिखा, ‘‘हम विदेशी आतंकी लड़ाकों की पत्नियों और बच्चों के पुनर्वास के लिए संबंधित देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग करने को तैयार हैं।’’


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