परमाणु हथियारों के खिलाफ कैंपेन चलाने वाले ग्रुप ‘ICAN’ को शांति का नोबेल

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गैरसरकारी संस्था (NGO) ‘इंटरनेशनल कैंपेन टू अबोलिश न्यूक्लियर वेपन’ (आईसीएएन) को शांति के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार दिया गया है। एनजीओ को नोबेल पुरस्कार न्यूक्लियर हथियारों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए दिया गया है।

नॉर्वे की नोबेल कमेटी के मुताबिक, आईसीएएन को 2017 का शांति के नोबेल पुरस्कार दुनिया में परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के बाद भयावह परिस्थितियों से अवगत कराने के लिए उसके प्रयासों की वजह से दिया गया है। इस साल शांति के नोबेल पुरस्कार की दौड़ में आईसीएएन के अलावा पोप फ्रैंसिस, ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ और सऊदी के ब्लॉगर रैफ बदावी भी शामिल थे।

नॉर्वे की कमिटी ने कुल 300 नामांकनों में से इंटरनैशनल कैंपेन टु अबॉलिश न्यूक्लियर वेपंज़ (ICAN) को इस साल के शांति पुरस्कार के लिए चुना है। कमिटी के मुताबिक ICAN ने परमाणु हथियारों को खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर कैंपेन चलाया है। पुरस्कार की घोषणा ओसलो में की गई। हालांकि नॉर्वे की कमिटी ने यह नहीं बताया कि इस पुरस्कार के लिए किनके नामों पर विचार किया गया, लेकिन यह बताया गया कि पुरस्कार के लिए 215 लोगों और 103 संस्थाओं को नामांकित किया गया था।

बता दें कि जुलाई में 122 देशों ने यूएन के परमाणु हथियारों को निषेध करने के लिए संधि पर हस्ताक्षर किए थे। लेकिन अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे परमाणु हथियार संपन्न देशों ने खुद को इस वार्ता से दूर रखा था। ICAN को नोबेल शांति पुरस्कार ऐसे समय में दिया गया है जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपने सबसे शक्तिशाली परमाणु बम का परीक्षण किया और अमेरिका के साथ उसका तनाव बरकरार है।

बता दें कि ये अभियान अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर न्‍यूक्लियर हथियारों के खिलाफ यानी उन्‍हें समाप्‍त करने की दिशा में चलाया जाता है।

Desk Team