पाकिस्तान ने कहा कि वह भारत के साथ सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है, जिसमें कश्मीर मुद्दा भी शामिल है और संघर्षविराम को लेकर हाल में बनी सहमति इस्लामाबाद द्वारा उल्लेखित रुख के अनुरूप है। तनाव कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम के तहत भारत और पाकिस्तान की सेनाओं ने गुरुवार को कहा कि वे नियंत्रण रेखा (एलओसी) और अन्य क्षेत्रों में संघर्षविराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करने के लिए सहमत हुई हैं।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ज़ाहिद हफीज चौधरी ने एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘पाकिस्तान ने हमेशा कहा है कि हम सभी मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं जिसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचाना गया जम्मू-कश्मीर का मुद्दा भी शामिल है। हमारे सैद्धांतिक रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जम्मू कश्मीर विवाद सहित सभी लंबित मुद्दों के लिए पाकिस्तान के पुराने रुख में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’’उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने नियंत्रण रेखा पर शांति बरकरार रखने के लिए 2003 के संघर्षविराम सहमति का अक्षरश: पालन करने की आवश्यकता को लगातार रेखांकित किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने यह भी कहा है कि नियंत्रण रेखा पर संघर्ष का बढ़ना क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। इसलिए, यह घटनाक्रम पाकिस्तान के रुख के अनुरूप है।’’ चौधरी ने आरोप लगाया कि 2003 से अब तक भारत द्वारा 13,600 से अधिक संघर्षविराम उल्लंघन किए गए हैं और अकेले 2020 में 3,097 संघर्षविराम उल्लंघन हुए जिसमें 28 लोग मारे गए और 257 नागरिक घायल हुए।


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