पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारत की ‘अहंकार से पूर्ण विस्तारवादी नीतियां’ उसके पड़ोसियों के लिए खतरा बन रही हैं। खान ने पाकिस्तान के सदाबहार सहयोगी चीन का पक्ष लेने का भी प्रयास किया ।
इमरान खान ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘नाजी विचाधारा की तरह भारत सरकार की अहंकार से पूर्ण विस्तारवादी नीतियां भारत के पड़ोसियों के लिए खतरा बन रही हैं। नागरिकता कानून के माध्यम से बांग्लादेश, सीमा विवाद के जरिये नेपाल और चीन के लिये और झूठे अभियान चलाकर पाकिस्तान के खिलाफ मुश्किलें पैदा की जा रही हैं। ’’
The Hindutva Supremacist Modi Govt with its arrogant expansionist policies, akin to Nazi’s Lebensraum (Living Space), is becoming a threat to India’s neighbours. Bangladesh through Citizenship Act, border disputes with Nepal & China, & Pak threatened with false flag operation.
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) May 27, 2020
भारत और चीन के बीच 3500 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास लद्दाख और उत्तरी सिक्किम के कई इलाकों में हाल में चीन और भारतीय सेना के बीच तनाव बढ़ा है । पाकिस्तान और चीन के संबंध सदाबहार हैं और आपसी हितों के मुद्दों पर दोनों देशों के नेता एक दूसरे का समर्थन करते हैं। खान ने आगे आरोप लगाया कि भारत ने कश्मीर पर ‘‘अवैध तरीके से कब्जा किया’’ और इसे ‘‘युद्ध अपराध’’ बताया ।
All this after illegal annexation of IOJK, a war crime under 4th Geneva Convention, & laying claim to AJK. I have always maintained the fascist Modi Govt is not only a threat to India’s minorities by relegating them to 2nd class citizens’ status, but also threat to regional peace
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) May 27, 2020
पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटे जाने के फैसले के बाद से पाकिस्तान लगातार इस मामले में अंतरराष्ट्रीय समर्थन पाने की कोशिश में जुटा है । भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को स्पष्ट तौर पर बता दिया है कि अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को निरस्त करना उसका आंतरिक मामला है। भारत ने पाकिस्तान को हकीकत स्वीकार करने और भारत विरोधी दुष्प्रचार बंद करने की भी सलाह दी।
खान ने अपने ट्वीट में कहा कि भारत की सरकार ‘‘ना केवल देश के अल्पसंख्यकों के लिए बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए भी खतरा है।’’ विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी आरोप लगाया कि ‘‘अपने पड़ोसियों के प्रति भारत की आक्रामक नीति से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा है ।’’


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