पाकिस्तान पर एशिया पैसिक ग्रुप (APG) के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) में ब्लैक लिस्ट होने का खतरा मंडराने लगा है। FATF ने पाकिस्तान के मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग को लेकर झूठी रिपोर्ट पर संज्ञान लिया है। जिसमें अधिकारियों ने माना है कि जो कार्रवाई की गई वो पर्याप्त उपाय नहीं हैं।
एशिया पैसिफिक ग्रुप का कहना है कि यूएनएससीआर 1267 की प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में पाकिस्तान नाकाम रहा है। मुंबई हमलों का मास्टरमाइंड हाफिज सईद खुलेआम घूम रहा है। इसके साथ लश्कर, जमात उद दावा और फलह ए-इंसानियत बिना किसी प्रतिबंद के काम कर रहे है।
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गौरतलब है कि ग्रे लिस्ट में चल रहे पाकिस्तान को आतंकी फंडिंग पर लगाम लगानी है और इसके लिए 18 महीने का नेगोसिएशन पीरियड है। एशिया पैसिक ग्रुप (APG) की सीधी हितायत है कि पाकिस्तान मनी लाउंडरिंग और टेरर फाइनेसिंग को रोकने ते लिए कठोर कदम उठाए।
जानकारी के मुताबिक रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान को वैध और नाजायज स्रोतों से आतंक के वित्तपोषण का काफी जोखिम है। 13 से 18 अक्टूबर के बीच एफएटीएफ की बड़ी बैठक करने वाला है, जहां पाकिस्तान जो पहले से ही आतंक के वित्तपोषण को रोकने में असफल रहा है उसे ब्लैकलिस्ट किए जाने की संभावना है।


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