पाकिस्तान चुनाव आयोग की ओर से जारी किए गए अंतिम नतीजों के मुताबिक इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) आम चुनावों में 116 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। नेशनल असेंबली की कुल 270 सीटों पर चुनाव हुए थे। बीते 25 जुलाई को हुए मतदान के बाद वोटों की धीमी गिनती और चुनावों में धांधली के आरोपों के बीच आयोग ने अंतिम नतीजों का ऐलान किया।
चुनाव आयोग को वोटों की गिनती कराने में दो दिन से ज्यादा का वक्त लग गया। पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) के अनुसार, संसद के निचले सदन नेशनल असेंबली के लिए हुए चुनावों में पीटीआई ने 116 सीटें जीतकर अपनी स्थिति काफी मजबूत कर ली है।
भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) 64 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर जबकि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) 43 सीटों के साथ तीसरे पायदान पर है। मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल (एमएमएपी) 13 सीटों के साथ चौथे स्थान पर रही।
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13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी जीत दर्ज की है, जिनकी भूमिका अहम होगी क्योंकि पीटीआई को केंद्र में सरकार बनाने के लिए उनके समर्थन की जरूरत होगी। 16,857,035 वोटों के साथ पीटीआई पहले, 12,894,225 वोटों के साथ पीएमएल-एन दूसरे और 6,894,296 वोटों के साथ पीपीपी तीसरे पायदान पर है। चुनाव आयोग ने कहा कि वोटरों की ओर से डाले गए कुल वोटों के लिहाज से निर्दलीय उम्मीदवार चौथे सबसे बड़े समूह के तौर पर उभरे हैं और उन्हें कुल 6,011,297 वोट मिले हैं।
बहरहाल, इमरान की पीटीआई को साधारण बहुमत के लिए जरूरी 137 सीटें नहीं मिल पाई। कराची में दशकों तक शासन करने वाले मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएमपी) को सिर्फ छह सीटें मिल सकीं। आयोग ने चुनावों में हर पार्टी को मिले वोटों की कुल संख्या भी जारी की है।
धार्मिक पार्टियों में एमएमएपी को 2,530452, तहरीक-ए-लबैक पाकिस्तान को 2,191,679 और अल्लाह-ओ-अकबर तहरीक को 171,441 वोट मिले हैं। आयोग ने नेशनल असेंबली एवं प्रांतीय विधानसभाओं के लिए हुए चुनावों में वोटरों के अंतिम वोट प्रतिशत भी जारी किए। इसके अनुसार, नेशनल असेंबली (एनए) के लिए हुए चुनाव में 51.7 प्रतिशत, पंजाब विधानसभा चुनाव में 55 प्रतिशत, सिंध विधानसभा चुनाव में 47.6 प्रतिशत, खैबर पख्तूनख्वा विधानसभा चुनाव में 45.5 और बलूचिस्तान विधानसभा चुनाव में 45.2 प्रतिशत वोट पड़े थे।
प्रांतीय विधानसभाओं के लिए हुए चुनावों के नतीजे भी घोषित कर दिए गए। पंजाब में 129 सीटों के साथ पीएमएल-एन जबकि सिंध में 76 सीटों के साथ पीपीपी सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी है। खैबर-पख्तूनख्वा में पीटीआई 66 सीटों के साथ और बलूचिस्तान में बलूचिस्तान अवामी पार्टी 15 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी।
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कट्टरपंथी सुन्नी बरेलवी पंथ को मानने वालों की पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी) को सिंध विधानसभा में दो सीटें मिली। टीएलपी ने पहली बार चुनावों में हिस्सा लिया था। चुनावों के नतीजों के ऐलान में देरी होने की वजह से हारने वाली पार्टियों में गुस्सा देखा गया। उन्होंने साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए।


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