Pakistan Gen Z youth Employment Policy: देश दुनिया में चल रहे Gen Z प्रदर्शनों को देखते हुए पाकिस्तान सरकार डर गई है। जिसके चलते अब पाकिस्तान सरकार ने युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें मॉडर्न टेक्नॉलजी के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए देश की पहली नेशनल यूथ एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी लॉन्च की है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को इस नीति की औपचारिक शुरुआत की। सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य युवाओं के लिए नौकरी के साथ-साथ कारोबार और स्टार्टअप के नए अवसर तैयार करना है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद में एक आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि नई नीति के जरिए युवाओं को रोजगार के बेहतर मौके दिए जाने का प्रयास किया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें अपना कारोबार शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। नीति के तहत हर साल तय किए जाने वाले रोजगार कोटे का 10 प्रतिशत हिस्सा स्टार्टअप्स के लिए रखा जाएगा। इससे युवाओं को केवल सरकारी या प्राइवेट नौकरी पर निर्भर रहने के बजाय अपना बिजनेस शुरू करने का मौका मिलेगा।
महिलाओं के लिए 50% हिस्सेदारी
बता दें कि पाकिस्तान की नई युवा रोजगार नीति में महिलाओं को भी खास महत्व दिया गया है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के मुताबिक, वर्कफोर्स में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार ने दावा किया है कि इस प्रावधान से बड़ी संख्या में युवतियों को रोजगार के अवसर मिल सकेंगे और देश की अर्थव्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी बढ़ेगी।
1000 युवाओं को चीन भेजेगा पाकिस्तान
इसी के साथ टेक्निकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि मेरिट के आधार पर 1000 लड़के और लड़कियों को चीन भेजा जाएगा। इन युवाओं को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और AI की ट्रेनिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि ट्रेनिंग से जुड़ा पूरा खर्च पाकिस्तान सरकार उठाएगी। इसका मकसद युवाओं को नई तकनीकों के लिए तैयार करना और भविष्य के रोजगार बाजार के मुताबिक उनकी स्किल बढ़ाना है।
पाकिस्तान सरकार युवाओं और छात्रों को डिजिटल एजुकेशन से जोड़ने के लिए पहले से ही लैपटॉप बांटने की योजना चला रही है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बताया कि अब तक देश के प्रतिभाशाली छात्रों को करीब 7 लाख लैपटॉप बांटे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस साल बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को 2.5 लाख क्रोमबुक दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि डिजिटल डिवाइस मिलने से छात्रों की पढ़ाई और टेक्निकल स्किल दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
दानिश स्कूलों के बाद अब दानिश यूनिवर्सिटी
प्रधानमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अलग-अलग हिस्सों में योग्य छात्रों को बेहतर शिक्षा देने के लिए दानिश स्कूल स्थापित किए गए हैं। अब इस योजना को उच्च शिक्षा तक ले जाने की तैयारी है। शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में दानिश यूनिवर्सिटी स्थापित करने की घोषणा की है। यहां अगले साल से क्लास शुरू होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस यूनिवर्सिटी में टेक्नॉलजी, टेक्निकल एजुकेशन और मॉडर्न साइंस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
एडमिशन छात्रों की आर्थिक स्थिति के बेस्ड पर नहीं, बल्कि मेरिट के बेस्ड पर होगा। यानी प्रतिभाशाली छात्रों को उनकी आर्थिक तंगी की परवाह किए बिना बेहतर शिक्षा हासिल करने का मौका देने की कोशिश की जाएगी। युवा रोजगार नीति के साथ प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने नेशनल पावर सेक्टर इनोवेशन प्रोग्राम और स्किल्स एंबेसडर प्रोग्राम की भी शुरुआत की। इन योजनाओं का फोकस युवाओं की स्किल बढ़ाने, नई टेक्नॉलजी से जोड़ने और रोजगार के लिए जरूरी कौशल विकसित करने पर है।
यह भी पढ़ें: भीषण गर्मी और जेलीफिश के हमले से थमे यूरोप के न्यूक्लियर पावर प्लांट, 20% तक गिरा बिजली उत्पादन



Download Android App
Download iOS App




