नई दिल्ली, 7 अप्रैल (आईएएनएस)। पाकिस्तान में 190 मिलियन पाउंड के कथित भ्रष्टाचार मामले में एक अहम घटनाक्रम में, इमरान खान को उनके वकील से मिलने की अनुमति देने के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) के चीफ जस्टिस ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किया है।
इमरान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की अर्जी पर सुनवाई के दौरान निर्देश जारी किए गए। इस मामले में दोनों की सजा सस्पेंड करने की मांग की गई थी। बेंच ने उनकी मुख्य अपीलों का जल्द निपटारा करने का भी संकेत दिया।
नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो (एनएबी) के विशिष्ट अभियोजक जावेद अशरफ और वरिष्ठ अभियोजक राफे मकसूद कोर्ट में पेश हुए, जबकि पीटीआई संस्थापक की तरफ से बैरिस्टर सलमान सफदर पेश हुए।
कार्रवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ने मुख्य अपीलों पर सुनवाई के बारे में पूछा क्योंकि सजा को सस्पेंड करने की मांग वाली अलग-अलग अर्जियां भी पेंडिंग थीं।
प्रमुख दैनिक डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अपने कानूनी प्रतिनिधि से मिलने का अधिकार है और इसमें किसी प्रकार की बाधा नहीं डाली जानी चाहिए। चीफ जस्टिस ने अधिकारियों से कहा कि वे इमरान खान की अपने वकील के साथ मुलाकात को सुगम बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
मंगलवार और गुरुवार का दिन अदालत की ओर से तय किया गया। इस दिन इमरान के परिजन, वकील और पार्टी नेता उनसे मिल सकते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं।
आईएचसी बेंच ने तेजी से कार्रवाई के लिए एक सुव्यवस्थित तरीके की ओर भी इशारा किया। जिसे लेकर चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर अपील पर बहस शुरू होती है, तो कोर्ट सात दिनों के अंदर मामले का फैसला कर सकता है।
यह मामला 190 मिलियन पाउंड के कथित गबन और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें इमरान खान और उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से अनुरोध किया था कि इमरान को अपने वकील से परामर्श करने की अनुमति दी जाए, ताकि वे अपने बचाव की तैयारी प्रभावी ढंग से कर सकें।
–आईएएनएस
केआर/
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